प्लाज्मा टीवी एक प्रकार का हाईडेफिनेशन टीवी (एचडीटीवी) होता है, जो कि प्रायः प्रचलित कैथोड किरण दूरदर्शी का विकल्प हैं। प्लाज्मा एक वैज्ञानिक शब्द है, जिसको कि निऑन और ज़ेनॉन आदि अक्रिय (इनर्ट) गैसों के सन्दर्भ में प्रयोग किया जाता है।[1]द्रव्य, गैस और ठोस के अलावा प्लाज्मा को पदार्थ की चतुर्थ अवस्था के रूप में प्रयोग किया जाता है। टेलीविजन में हजारों की संख्या में छोटे-छोटे घटक होते हैं, जिन्हें पिक्सल कहते हैं। रंगीन टेलीविजनों में तीन वर्ण मिलकर एक पिक्सल का निर्माण करते हैं। इनमें सामान्यत: प्रकाश के तीन प्राथमिक रंग लाल, हरा और नीला का प्रयोग किया जाता है। वहीं प्लाज्मा टीवी में प्रत्येक पिक्सल अक्रिय गैस जैसे कि निऑन और जीनॉन के छोटे-छोटे पात्रों से मिलकर बना होता है।

प्लाज्मा टीवी में अनुमानित हजारों की संख्या में ऐसे छोटे-छोटे टय़ूब उपस्थित होते हैं। प्रत्येक पिक्सल को दो वैद्युत आवेशित प्लेटों के बीच में रखा जाता है। विद्युत धारा का प्रवाह करने पर प्लाज्मा चमकता है।[1] टीवी में लगा छोटा सा कंप्यूटर विद्युत क्षेत्र को नियंत्रित करता है, जिससे विभिन्न रंगों का मिश्रण बनता है जो कि दृश्य-पटल पर दिखाई देते हैं। इस टेलीवीज़न का लाभ ये हैं कि इसका दृश्य पट्ल यानि मॉनीटर, एकदम सपाट यानि फ्लैट होता है, जिसको कि आप सीधे दीवार पर लगा सकते हैं। इसमें चित्र और रंग दूसरे टीवी की तुलना में बेहतर दिखती है। इसका भार अन्य समान आकार के स्क्रीन वाले टीवी की तुलना में बहुत कम होता है।

प्लाज़्मा टीवी या पटल के प्रमुख निर्माताओं में एल.जी इलेक्ट्रॉनिक्स, सोनी, सैमसंग, पैनासॉनिक, हिटैची आदि हैं।[2]

प्लाज़्मा बनाम एल.सी.डी

 
प्लाज़्मा पटल के घटक

प्लाज्मा टीवी के दृश्य-कोण एलसीडी टीवी की तुलना में बढ़िया हैं।[3] कक्ष के किसी भी किनारे या कोने में बैठ कर भी बेहतर चित्र-गुणवत्ता का मजा लिया जा सकता है। किसी भी ओर से देखने पर इसके चित्र की गुणवत्ता समान ही रहती है। टीवी पर खेल और फिल्मों के दृश्यों के लिए भी यही बेहतर विकल्प है, क्योंकि त्वरित-गति चित्र एलसीडी के मुकाबले प्लाज्मा में आकर्षक नजर आती हैं। मूल्य के आधार पर देखें तो प्लाज्मा टीवी एलसीडी टीवी से सस्ता है। एलसीडी से बराबर स्क्रीन साइज का प्लाजमा कम कीमत का होता है। वर्तमान में एलजी के ४२ इंच एचडी-रेडी फ्रेम लैस प्लाज्मा (42PG61UR-TA) और सैमसंग के ४२ इंच सीरिज के ४ प्लाज्मा (PS42A410C1) के मूल्य से ४० इंच एचडी-रेडी एलसीडी के मूल्य में लगभग ५-७००० रुपये का अंतर है। एलसीडी टीवी प्लाज्मा टीवी के मुकाबले नई तकनीक पर आधारित है। फुल-एचडी के सन्दर्भ में एलसीडी बेहतर विकल्प होता है। एलसीडी टीवी का अनुमानित जीवनकाल प्लाज्मा टीवी के मुकाबले लंबा होता है। प्लाज्मा टीवी समय के साथ साथ धुंधले (डिम) पड़ते जाते हैं।[3] विडियो गेम्स के लिए एलसीडी टी बेहतर होता है। इसकी विडियो गेम्स के साथ संगतता बेहतर होती है।

सन्दर्भ

  1. प्लाज़्मा टीवी Archived 2015-09-11 at the वेबैक मशीन। हिन्दुस्तान लाइव। १८ अक्टूबर २००९
  2. महंगाई के बावजूद एलसीडी-प्लाज्मा की तस्वीर साफ Archived 2012-01-25 at the वेबैक मशीन। नवभारत टाइम्स। १६ जुलाई २००८
  3. वॉट यू वॉन्ट...LCD या प्लाज्मा?[मृत कड़ियाँ]। इकॉनोमिक टाइम्स। रिपोर्ट

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