अण्डोत्सर्ग

अंडाशय से परिपक्व अंडोम/डिम्बाणुजनकोशिका की रिहाई
(अंडोत्सर्ग से अनुप्रेषित)

गर्भाशय से अन्डों का निकलना अंडोत्सर्ग (Ovulation) कहलाता है, और यह अगले पीरियड्स के आने से १४ दिन पहले है। मानवों में यह घटना तब होती है जब डी ग्राफ पुटक (de Graaf's follicles) फटकर द्वितीयक अंडक गर्भाशय कोशिका निकालते हैं।

हर माहवारी के वक़्त, एक महिला के शरीर में प्रजनन हारमोन , अंडाशय (ovaries) को उत्साहित करते हैं जिस से ओक्साइट्स (oocytes) मैच्योर होने लगते हैं। हालाँकि, ओवुलेशन के शुरुआती वक़्त में बहुत सारे ओक्साइट्स (oocytes) मैच्योर होते हैं परन्तु सिर्फ एक अंडा ही पूरी तरह विकसित होकर रिलीज होता है।

रिलीज  होने के बाद, अंडा फैलोपियन ट्यूब (fallopian tube) से गुज़रता हुआ गर्भाशय ओर जाता है, जहाँ यह स्पर्म (sperm) के साथ फर्टिलाइज (fertilize) होता है, और सफलतापूर्वक फर्टिलाइजेशन होने पर महिला गर्भवती हो जाती है।

अंडोत्सर्ग के लक्षण [1]संपादित करें

ओवुलेशन के सात मुख्य लक्षण होते है, जिनकी पहचान होना आवश्यक है:

  • बेसल तापमान (Basal Body Temperature) का ऊपर - निचे होना
  • सर्विकल म्यूकस (cervical mucus) का पहले से अधिक चिकना और पतला हो होना
  • गर्भाशय ग्रीवा (cervix) का नरम होकर थोड़ा खुल जाना
  • ओवुलेशन के दौरान कुछ महिलाओं को पेट के निचले हिस्से में हल्का दर्द भी महसूस होता है। इसे मित्तेल्स्कर्म दर्द (Mittelschmerz pain) भी कहा जाता है। यह कुछ मिनटों या घंटों तक रह सकता है
  • थोड़ी-बहुत ब्लड स्पॉटिंग (blood spotting) भी देख सकती हैं
  • योनि (vagina) में हल्का सूजन होना
  1. Team, Zealthy Editorial (2020-01-23). "ओवुलेशन क्या है, ओवुलेशन के लक्षण और प्रेगनेंसी में ओवुलेशन का महत्त्व | Ovulation in Hindi". Zealthy. अभिगमन तिथि 2020-09-11.