यह दांत 15 से 16 वर्ष की उम्रमे आते है। इस कारण इन्हे अक्ल के दांत या अक्ल जाड़ कहा जाता है।

यह जात मानव मे चार प्रकार के दांतो(क्रत्क,रदनक,चवर्णक,व अग्रचवर्णक) मे से अग्रचवर्णक दांतो के भाग हो तो है।

मानव मे इन्हे अवषेशि अंत के अन्तर्गत रखा जाता है क्योकि इनका कोई कार्य नहीं।

मानव मे दांतो को द्विबारदंति है लेकिन अक्ल जाड़ एक बार ही आती है।