अतिचालक पदार्थों का वर्गीकरण कई प्रकार से किया जा सकता है-

YBCO की संरचना - यिट्रिअम, बेरियम या कॉपर के आक्साइडों को YBCO कहते हैं। YBCO टाइप-२, अपरम्परागत, उच्चतापीय अतिचालक हैं।

भौतिक गुण के आधार परसंपादित करें

  • टाइप-१ अतिचालक
  • टाइप-२ अतिचालक

the base magnetic field superconductor are two type 1 type 2 type. 1 type -those superconductor comlete the meisser effect. 2 type-those superconductor incomplete the meisser efect.

रासायनिक संरचना के आधार परसंपादित करें

  • तत्व - कुछ तत्व (जैसे पारा, कैडमिअम, सीसा (लेड), जस्ता, टिन, अलुमुनियम, इरिअम, प्लेटिनम) आदि कम ताप पर अतिचालकता प्रदर्शित करते हैं। कुछ अन्य तत्व बहुत अधिक दाब पर अतिचालकता की अवस्था में जाते हैं (जैसे- आक्सीजन, फॉस्फोरस, गंधक, जर्मेनियम, लोहा, आदि)। कुछ पतली झिल्ली (लेयर) के रूप में ही अतिचालकता दिखाते हैं (जैसे टंगस्टन, बेरिलिअम, क्रोमिअम आदि)। और कुछ तत्व अब तक किसी भी रीति से अतिचालक अवस्था में नहीं ले जाये जा सके हैं (जैसे- रजत, ताँबा, स्वर्ण, तथा विरल गैसें, हाइड्रोजन आदि)
  • मिश्रधातुएँ - जैसे नायोबियम-टाइटेनियम (NbTi), लोल्ड-इण्डियन (AuIn) तथा यूरेनियम-रोडियम-जर्मेनियम (URhGe)
  • कार्बनिक यौगिक (फुलरेंस, नैनोट्यूब्स आदि)
  • लोहे और ताँबे के आक्साइड
  • सिरैमिक - YBCO अर्थात् यिट्रियम, बेरियमन, कॉपर के आक्साइड, जो अधिक ताप पर अतिचालकता प्रदर्शित करते हैं।

विधि के आधार परसंपादित करें

  • परम्परागत अतिचालक - जिनकी अतिचालकता को BCS सिद्धान्त से व्याख्या कर सकते हैं।
  • अपरम्परागत अतिचालक - जिनके अतिचालकता की अभी तक संतोषजनक व्याख्या नहीं की जा सकी है।

संक्रमण ताप के आधार परसंपादित करें

  • लघुतापीय अतिचालक (low temarature superconductor) - जिनका संक्रमण ताप ७७ डिग्री केल्विन से कम हो ;
  • उच्चतापीय अतिचालक (high temarature superconductor)) - जिनका संक्रमण ताप ७७ डिग्री केल्विन से अधिक हो ;