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कोलेस्ट्रॉल रक्त में घुलनशील नहीं होता है। उसका कोशिकाओं तक एवं उनसे वापस परिवहन लिपोप्रोटींस नामक वाहकों द्वारा किया जाता है। निम्न-घनत्व लिपोप्रोटीन या एलडीएल, बुरे कोलेस्ट्रॉल के नाम से जाना जाता है। उच्च-घनत्व लिपोप्रोटीन या एचडीएल, अच्छे कोलेस्ट्रॉल के नाम से जाना जाता है। ट्राइग्लीसिराइड्स एवं Lp (a) कोलेस्ट्रॉल के साथ ये दो प्रकार के लिपिड, कुल कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बनाते हैं, जिसे रक्त परीक्षण के द्वारा ज्ञात किया जा सकता है।[1]

अतिन्यून घनत्व लिपोप्रोटीन (वेरी लो डेनसिटी लिपोप्रोटीन्स) शरीर में लिवर से ऊतकों और इंद्रियों के बीच कोलेस्ट्रॉल को ले जाता है।[1] वी एल डी एल कोलेस्ट्रॉल, एल डी एल कोलेस्ट्रॉल से ज्यादा हानिकारक होता है। यह हृदय रोगों का कारण बनता है।[2]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "अच्छे कोलेस्ट्रॉलयुक्त भोजन". इंडिया डवलपमेंट गेटवे. पपृ॰ ०१. अभिगमन तिथि २० सितंबर २००९. |access-date= में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद)
  2. ह्दयरोग विशेषज्ञ, डॉ॰ सुमन भण्डारी,. "तौबा कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से". पत्रिका.कॉम.