अत्रि, जिसका बायर नामांकन "डॅल्टा अर्से मॅजोरिस" (δ UMa या δ Ursae Majoris) है, सप्तर्षि तारामंडल का सातवा सबसे रोशन तारा है। यह हमसे क़रीब ८१ प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित है और पृथ्वी से इसका औसत सापेक्ष कांतिमान (यानि चमक का मैग्निट्यूड) +३.३२ है। इस तारे का नाम महर्षि अत्रि पर रखा गया है।

सप्तर्षि तारामंडल में अत्रि तारे (δ UMa) का स्थान

अन्य भाषाओं मेंसंपादित करें

अत्रि को अंग्रेज़ी में "मॅगरॅज़" (Mergez) भी कहा जाता है। यह अरबी भाषा के "अल-मग़रिज़" (المغرز‎) से लिया गया है जिसका अर्थ "दुम की जड़" है। अरब खगोलशास्त्र में इस तारामंडल में जो काल्पनिक भालू की आकृति बनाई जाती थी यह तारा उसकी दुम की जड़ के स्थान पर स्थित है।

वर्णनसंपादित करें

अत्रि एक A3V श्रेणी का नीला-सफ़ेद मुख्य अनुक्रम तारा है।[1] इसके दो बहुत ही धुंधले से साथी तारे हैं, जिनमें से एक का नाम डॅल्टा अर्से मॅजोरिस बी (δ UMa B) और दुसरे का डॅल्टा अर्से मॅजोरिस सी (δ UMa C) रखा गया है।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. David H. Kelley, Eugene F. Milone, Anthony F. (FRW) Aveni. "Exploring Ancient Skies: A Survey of Ancient and Cultural Astronomy". स्प्रिंगर, 2011. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9781441976239.सीएस1 रखरखाव: एक से अधिक नाम: authors list (link)