कर्मकाण्ड या अनुष्ठान (ritual) से तात्पर्य ऐसे क्रमबद्ध कार्यों कार्यों से है जो विशेष स्थान पर, विशेष विधि से, विशेष शब्दों द्वारा किए जाते हैं। कर्मकाण्ड किसी समुदाय की परम्परा के अंग हो सकते हैं। अनुष्ठान का संधि विच्छेद -अनु (धन)स्थान ।इसमें व्यंजन संधि है (मकनाराम डी मेघवाल)

कैथोलिक मास के समय चैलिस (chalice) को ऊपर उठाए हुए पुजारी। यह विश्व के सर्वाधिक किए जाने वाले कर्मकांडों में से एक है।