अभयमुद्रा (भयरहित होने की मुद्रा)[1] एक मुद्रा है जो भय से मुक्ति और सुरक्षा की भावना का द्योतक है। यह भारत के सभी प्राचीन धर्मों की मूर्तियों में देखने को मिलती है। इसमें दायें हाथ को ऊपर की ओर करके हथेली बार की ओर दर्शायी जाती है। [2] यह सबसे प्राचीन मुद्राओं में से एक है।

दक्षिण कोरिया के संग्रहालय में स्थित बुद्ध की एक प्रतिमा (५३१ ई): इस प्रतिमा में महात्मा बुद्ध का दायाँ हाथ अभयमुद्रा में है और बायाँ हाथ वरदमुद्रा में है।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Buswell, Robert Jr., संपा॰ (2013). Princeton Dictionary of Buddhism. Princeton, NJ: Princeton University Press. पृ॰ 2. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780691157863.
  2. "Abhaya Mudra". 2015-03-17. मूल से 18 जुलाई 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2015-02-10.