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अमन वर्मा भारतीय फ़िल्म और टेलीविजन अभिनेता हैं।[1][2]

अमन वर्मा
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Aman Verma at Paritosh Painter's play I am the Best premiere
जन्म 11 अक्टूबर 1971 (1971-10-11) (आयु 48)
व्यवसाय अभिनेता
ऊंचाई 5 फीट 7 इंच (1.70 मी॰)

अभिनयसंपादित करें

इन्होंने अपने अभिनय की शुरुआत "पचपन खम्बे लाल दीवार" मीता वशिष्ठ के साथ 1987 में शुरू की थी। उसके बाद यह फिल्मों में भी काम करने लगे। संघर्ष नामक 1999 में प्रदर्शित फिल्म में यह सहायक किरदार के रूप में कार्य किया। इसके बाद क्योंकि सास भी कभी बहू थी में अनुपम कपाड़िया का किरदार 4 वर्षों तक निभाया। उसके बाद वर्ष 2002 में यह कहता है दिल में आदित्य प्रताप सिंह का किरदार निभाया। जिसके लिए उन्हें भारतीय टेली पुरस्कार मुख्य किरदार में श्रेष्ठ अभिनेता 2003 में मिला।

वर्ष 2003 में अमन ने फिल्म प्राण जाये पर शान न जाये में रिंकी खन्ना के साथ मुख्य किरदार निभाया। इसके बाद यह कोई है में भी मुख्य किरदार में नजर आए। एक वर्ष पश्चात यह बाग़बान में सहायक किरदार निभाया। जिसमें अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी मुख्य किरदार में थे। 2001 से 2004 तक यह स्टार प्लस के कार्यक्रम खुलजा सिम सिम में प्रस्तोता थे। इसके बाद यह स्टार प्लस के कुमकुम धारावाहिक में काम किया।

अपने प्रस्तोता के कार्य में अच्छी पकड़ होने के कारण यह कई अन्य कार्यक्रम और फिल्मों में भी प्रस्तोता बने। यह जान-ए-मन (2006) फिल्म में एक हास्य किरदार ज़ुबिन का भी किरदार निभाया था। उसी वर्ष यह विरासत नामक धारावाहिक में एक नकारात्मक किरदार में भी कार्य किया।

यह तीन बहुरानियाँ में सुमीत नामक एक किरदार निभा रहे थे, जो कई वर्षो से कोमा में होता है और उसे नहीं पता होता है कि उसके बच्चे मर चुके हैं। यह इसके बाद इस जंगल से मुझे बचाओ के पहले संस्करण में प्रतिभागी बने थे। इसके बाद यह सोनी के धारावाहिक "बेताब दिल की तमन्ना" में मुख्य किरदार निभा रहे थे।

सन्दर्भसंपादित करें