अमन (1967 फ़िल्म)

हिन्दी भाषा में प्रदर्शित चलवित्र

अमन कुमार

अमन कुमार होली ( जन्म 10 सितंबर सन् 2000) एक युवा कवि एवं रचनाकार हैं । वर्तमान में ये साहिबगंज झारखंड में रहते हैं तथा साहिबगंज महाविद्यालय के छात्र हैं। यह राष्ट्रीय सेवा योजना के सक्रिय स्वयंसेवक है तथा सामाजिक कार्य में अपनी भूमिका अदा कर रहे हैं।

इनका जन्म बिहार के भागलपुर जिले में हुआ था। पिता का नाम श्री अशोक कुमार साह एवं माता श्रीमती शोभा देवी है। मध्यमवर्गीय परिवार से संबंधित होने के कारण इनका बचपन कठिनाइयों में बीता।

उनके पिताजी सहकारिता विभाग में लेखापाल के पद पर कार्यरत ।है

शिक्षा

उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा साहिबगंज के एन ०आर० पी ० सेंटर तथा पूर्व रेलवे उच्च विद्यालय से ली। इन्होंने अपनी माध्यमिक परीक्षा वर्ष 2018 में अव्वल श्रेणी से उत्तीर्ण की। जिला में मेरिट लिस्ट में शामिल थे। बाद में स्कूल के द्वारा बेस्ट स्टूडेंट का अवार्ड दिया गया।

साहित्य में रुचि

बचपन से ही मेधावी छात्र थे। जिसके कारण विद्यालय काल में ही इन्हें साहित्य में रुचि हो गया। इन्होंने बाल कवि के रूप में बहुत सारे कविताओं की रचना भी की है जिनमें बलिदानी, स्वच्छता या दिखावा, गंगा एक वरदान, जीवन एक भवसागर है, आतंकवाद एक अस्वच्छता आदि प्रमुख है ।

जीवन एक भवसागर है के लिए हिंदी राजभाषा की ओर से सर्वश्रेष्ठ बाल रचनाकार की उपाधि प्रदान की एवं उसे रेलवे की वार्षिक पत्रिका किलकारी स्थान भी दिया।

कविताओं के साथ-साथ इन्होंने लेखन में भी अपना जौहर दिखाया बहुत सारी रचनाएं बाल पत्रिका में संपादित हुई है।

प्रकृति, गरीबी वर्तमान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दे इनकी लेखन के विषय रहे हैं।

साहित्यिक भाषा शैली

इनकी साहित्यिक भाषा शैली सरल सुदृढ़ एवं स्पष्ट है । यह साहित्य को सामाजिक एवं वैचारिक परिवर्तन की सशक्त माध्यम मानते हैं।

सामाजिक क्रियाकलापों में भी य काफी रुचि लेते हैं ‌। साहिबगंज महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत इन्होंने पर्यावरण बचाओ अभियान, वृक्षारोपण अभियान, समाज सेवा, परोपकार तथा शिक्षा के क्षेत्र में एवं प्रकृति संरक्षण हेतु लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियों में इनका योगदान सराहनीय है।

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बचपनसंपादित करें

दलसंपादित करें

नामांकन और पुरस्कारसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें