अरुणा राय भारत की एक राजनैतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होने सन् १९६८ से १९७५ तक भारतीय प्रशासनिक सेवा में कार्य किया। उनके योगदान के लिये उन्हें मैगससे पुरस्कार एवं मेवाड़ सेवाश्री आदि पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। वे राजस्थान के निर्धन लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिये किये गये प्रयास के लिये विशेष रूप से जानी जातीं हैं। भारत में सूचना का अधिकार लागू करने के लिये 6 अप्रैल 1995 को अजमेर के ब्यावर में आंदोलन की शुरुआत की, उनके प्रयत्न एवं योगदान उल्लेखनीय हैं। वे मेवाड़ के राजसमन्द जिले में स्थित देवडूंगरी गांव से सम्पूर्ण देश में संचालित मजदूर किसान शक्ति संगठन की संस्थापिका एवं अध्यक्ष भी हैं।

अरुणा राय
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जन्म 26 जून 1946
चेन्नई
राष्ट्रीयता भारतीय
व्यवसाय कार्यकर्ता

जीवन वृत्तसंपादित करें

- १९६८ से १९७४ - भारतीय प्रशासनिक सेवा - तत्पश्चात त्यागपत्र देने के बाद राजस्थान के तिलोनिया (अजमेर) में सामाजिक कार्य एवं अनुसंधान केंद्र में कार्यरत - २००४ में सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की सदस्य के रूप में मनोनीत

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें