अर्नास्तत्व (nothing) उस स्थिति को कहते हैं जिसमें कोई भी चीज़ उपस्थित न हो, अर्थात हर प्रकार का पूर्ण आभाव हो।[1][2]

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Steven William Laycock, Nothingness and Emptiness: A Buddhist Engagement with the Ontology of Jean-Paul Sartre, SUNY Press, 2001 ISBN 0-7914-4909-2.
  2. Charles B. Guignon, The Cambridge Companion to Heidegger, pp. 293–325, Cambridge University Press, 2006 ISBN 0-521-82136-3.