अलवी' या अल्वी एक बहु-प्रचलित मुस्लिम उपनाम है। इसका अर्थ इस्लाम के चौथे खलीफा अली से सम्बंधित या उनके वंश से जुड़े लोग हैं।ये पैग़म्बर मुहम्मद का वंशज होने की वजह से सबसे ऊंची सैय्यद जात के होते है।  हालांकि इस उपनाम के लोग विश्व कई जगहों पर पाए जाते हैं, ये क़ौम असल में सय्यद क़ौम की एक उपजाति है जो अपना निस्बत हज़रत अली से होने के नाते अल्वी कहलाते है। इन्हें सूफी सय्यद यही सय्यद भी कहा जाता है। इस क़ौम के अन्दर भी फ़ातिमी और गैर फ़ातिमी सादात यानी सय्यद होते है। शाह सिलसिले के वलियों के वंश होने के नाते इन्हें भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और नेपाल में अल्वी सय्यद के रूप मे पहचान जाता है।भारत और नेपाल में इनका सिलसिला सूफी सय्यद बदिउद्दीन ज़िंदा शाह मदार से जुड़ा है इसीलिए इनको शाह मदार भी कहते है।इनके पूर्वजलोगोंने इस्लाम फैलाने की मुहिम में फ़कीरी(गरीबो) की जिंदगी बितायी इसीलिए इनकी नस्ले आज ,मियां ,साई, बाबा , अल्वी शाह, मदार, काजी, पीर,शाह साहेब,दीवान (देवान)साहेब,इत्यादि नामों से जाने पहचाने जाते है।असलमे ये लोग सय्यद क़ौम से ही निस्बत रखते है। इन लोगों की संख्या भारत-पाकिस्तान में अधिक है।