अल्फा (α) कण मुख्यत हीलियम-नाभिक होते हैं। इनकी संरचना दो प्रोटानो व दो न्यूट्रानों के द्वारा होती हैं।[1] रेडियो धर्मिता में ये कण नाभिक से उत्सर्जित होते हैं।


अल्फा का गुण

1.अल्फा हीलियम की नाभिक की तरह होता है।

24He =42अल्फा

2.यह धनावेशीत कण होता है।

3.ये शरीर के मांसपेशियों को जला सकता है।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "The Proton Synchrotron" [प्रोटॉन सिन्कोट्रॉन] (अंग्रेज़ी में). सर्न त्वरक प्रयोगशाला. मूल से 3 अक्तूबर 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 3 अक्टूबर 2013.