अल्फा (α) कण मुख्यत हीलियम-नाभिक होते हैं। इनकी संरचना दो प्रोटानो व दो न्यूट्रानों के द्वारा होती हैं।[1] रेडियो धर्मिता में ये कण नाभिक से उत्सर्जित होते हैं।इनकी खोज गोठड़ा गांव में की गई थी।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "The Proton Synchrotron" [प्रोटॉन सिन्कोट्रॉन] (अंग्रेज़ी में). सर्न त्वरक प्रयोगशाला. मूल से 3 अक्तूबर 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 3 अक्टूबर 2013.