आँखों में तुम हो (1997 फ़िल्म)

1997 में बनी हिन्दी फिल्म

आँखों में तुम हो 1997 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है।

आँखों में तुम हो
चित्र:आँखों में तुम हो.jpg
आँखों में तुम हो का पोस्टर
निर्देशक आशिम एस सामंत
अभिनेता राखी गुलज़ार,
सत्येन्द्र कपूर,
शरद कपूर,
अशोक कुमार,
राम मोहन,
प्रमोद मुथु,
सुमन रंगनाथन,
रोहित रॉय,
प्रदर्शन तिथि(याँ) , 1997
देश भारत
भाषा हिन्दी

कहानीसंपादित करें

यह कहानी प्रेम, पूजा, प्रताप और रंजीत की है। पूजा से प्रेम बहुत ही ज्यादा प्यार करते रहता है, लेकिन प्रेम के पारिवारिक भविष्यवक्ता के कहने के अनुसार अगर पूजा की शादी प्रेम से होती है तो प्रेम की अकाल मृत्यु हो जाएगी। इस कारण प्रेम के दादाजी इस शादी के खिलाफ रहते हैं। वे इस बात को पूजा से कहते हैं और उसे प्रेम की जिंदगी से हमेशा के लिए दूर जाने बोलते हैं। पूजा उनकी बात मान कर प्रेम को छोड़ कर चले जाती है और प्रताप से शादी कर लेती है।

प्रताप एक बहुत ही प्रसिद्ध व्यापारी है और अपनी पत्नी, पूजा से बहुत प्यार भी करता है। प्रताप की माँ, रानीमाँ को दिल की बीमारी है। प्रताप और पूजा के स्विट्ज़रलैंड में हनीमून के दिन ही प्रताप की एक दुर्घटना में मौत हो जाती है। चूंकि रानीमाँ को दिल की बीमारी है, इस कारण पूजा ये बात उन्हें नहीं बताती है। एक दिन दुर्गा पूजा के दौरान, पूजा की नजर प्रताप पर पड़ती है, जो असल में उसका हमशक्ल होता है। रानीमाँ को रंजीत मार देता है और इस हत्या को होते पूजा देख लेती है। पूजा इस कारण रंजीत को गोली मार देती है, पर वो गोली मामाबाबू के सिने में लग जाती है।

रंजीत पूलिस को बुला कर पूजा के खिलाफ बयान देता है कि उसी ने रानीमाँ और मामाबाबू को मारा है। सारे सबूत पूजा के खिलाफ मिलने के बाद पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेती है। यह मामला न्यायालय में आता है और उसका वकील प्रेम बन जाता है। वह अदालत में साबित कर देता है कि पूजा बेगुनाह है और रंजीत ही असल हत्यारा है। इसके बाद अंत में दिखाया जाता है कि पूजा और प्रेम की शादी हो रही है।

कलाकारसंपादित करें

संगीतसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें