कम्प्यूुटर विज्ञान में, किसी समस्या में उपयोग में आने वाले आँकड़ों को कई प्रकार से व्यवस्थित किया जा सकता है। आँकड़ों की इसी व्यवस्था या विन्यास को आंकड़ा संरचना (डेटा स्ट्रक्चर) कहते हैं। स्पष्टतः आँकड़ों को इस प्रकार विन्यस्त करना चाहिये कि प्रोग्राम द्वारा उन आंकड़ों का उपयोग दक्षतापूर्वक (efficiently) किया जा सके।[1]

हैश टेबल (hash table)
बाइनरी ट्री

कुछ प्रमुख आंकड़ा संरचनाएँ ये हैं- लिस्ट, लिंक्ड लिस्ट, स्टैक, ट्री आदि।

किसी समस्या के लिये कोई आंकड़ा संरचना उपयुक्त होती है तो किसी दूसरी समस्या के लिये कोई दूसरी आंकड़ा संरचना। कुछ आँकड़ा संरचनाएँ तो कुछ विशेष कामों के लिये ही प्रयुक्त होती हैं। उदाहरण के लिये, रिलेशनल डेटाबेस से आंकड़ों की पुनःप्राप्ति (retrieval) के लिये प्रायः बी-ट्री इन्डेक्सेस (B-tree indexes) का प्रयोग किया जाता है जबकि कम्पाइलर के निर्माण में आइडेन्टिफायरों (identifiers) को पहचानने के लिये प्रायः हैश टेबल (hash tables) का उपयोग किया जाता है।

प्रायः दक्ष अल्गोरिद्म डिजाइन करने के लिये दक्ष आंकडा संरचना का होना बहुत जरूरी है। आंकड़ा संरचना का उपयोग मुख्य स्मृति एवं द्वितीयक स्मृति दोनों में आंकड़ों को भण्डारित करने एवं उन्हें प्राप्त करने के लिये किया जाता है।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Paul E. Black (ed.), entry for data structure in 'Dictionary of Algorithms and Data Structures'. U.S. National Institute of Standards and Technology. 15 December 2004. Online version Archived 2017-08-10 at the Wayback Machine Accessed May 21, 2009.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें