आगा खान पैलेस पुणे के येरावाड़ा मे स्थित एक एतिहासिक भवन है। सुल्तान मुहम्मद शाह आगा खान द्वितीय ने १८९२ मे बनवाया था। इस भवन मे महात्मा गाँधी को उनके अन्य सहयोगीयो से साथ सन १९४२ मे बंदी बना कर रखा गया था। कस्तूरबा गांधी का निधन इसी भवन मे हुआ था। उनकी समाधी भी यहॉ स्थित है। अब यह भवन एक संग्राहलय है।

आगा खां महल

आगा खान पैलेस
सामान्य जानकारी
कस्बा या शहर पुणे, महाराष्ट्र
देश भारत
निर्माण आरंभ १८९२
डिजाइन और निर्माण
ग्राहक सुल्तान मुहम्मद शाह, आगा खान द्वित्तीय

यह स्मारक ६.५ हेक्टेयर में फैला हुआ है। १८९२ में शाह आगा खां तृतीय ने इसे बनवाया था। १९५६ तक यह भवन उनका महल रहा। १९६९ में, आगा खां चतुर्थ ने इसे भारत सरकार को दान दे दिया था।[1] महात्मा गांधी की पत्नी कस्तूरबा गांधी और महात्मा जी के सचिव महादेवभाई देसाई 2 साल तक यहां रहे और इसी प्रवास के दौरान उनकी मृत्यु हुई थी।[2] उनकी अस्थियां स्मारक के बागीचे में रखी गई हैं। गांधी जी के जीवन पर एक फोटो-प्रदर्शनी और उनकी व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं जैसे उनकी चप्पलें और चश्मे यहां रखे गए हैं।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. पुणे शहर मार्गदर्शिका Archived 24 नवम्बर 2006 at the वेबैक मशीन.। ट्रेन एंक्वायरी
  2. आगा खां पैलेस Archived 4 मई 2012 at the वेबैक मशीन.। वर्चुअल पुणे.कॉम। अंग्रेज़ी