आत्मा राम १८०० के आरम्भिक दिनों में अफगानिस्तान में एक हिन्दू मंत्री थे। कहा जाता है कि उन्होने भारत और तुरान के बीच व्यापार को बढ़ावा दिया।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें