आनन्दाश्रम एक भारतीय प्रकाशक है जो संस्कृत से सम्बन्धित ग्रन्थों के प्रकाशन के लिए प्रसिद्ध हैं। आनन्दाश्रम की स्थापना १८८७ में महादेव चिमनजी आप्टे (1845-1894) ने पारम्परिक शिक्षा को संरक्षित रखने एवं उसका और विकास करने के उद्देश्य से की थी। यह १९वीं शताब्दी के अन्तिम वर्षों से यह प्रकाशन कार्य कर रहा है।

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