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आयन (ion) ऐसे परमाणु या अणु है जिसमें इलेक्ट्रानों और अप्रोटोनों की संख्या असामान होती है। इस से आयन में विद्युत आवेश (चार्ज) होता है। अगर इलेक्ट्रॉन की तादाद प्रोटोन से अधिक हो तो आयन में ऋणात्मक (नेगेटिव) आवेश होता है और उसे ऋणायन (anion, ऐनायन) भी कहते हैं। इसके विपरीत अगर इलेक्ट्रॉन की तादाद प्रोटोन से कम हो तो आयन में धनात्मक (पोज़िटिव) आवेश होता है और उसे धनायन (cation, कैटायन) भी कहते हैं।[1]

ऋणायन और धनायनसंपादित करें

एक इलेक्ट्रॉन और एक प्रोटोन में बराबर का विद्युत आवेश (चार्ज) होता है। इसलिये किसी आयन का अवेश उसमें मौजूद प्रोटोनों की संख्या को उसमें मौजूद इलेक्ट्रॉनों से घटाकर बताया जाता है। अगर प्रोटोनों की संख्या अधिक हो तो यह आवेश धनात्मक (पोज़िटिव) होता है और अगर इलेक्ट्रॉनों की संख्या अधिक हो तो यह आवेश ऋणात्मक (नेगेटिव) होता है।

  • ऋणायन (−): इनमें इलेक्ट्रॉन अधिक और प्रोटोन कम होते हैं। अंग्रेज़ी में इन्हें कैटायन (cation) कहते हैं क्योंकि धनात्मक आवेश वाले यह आयोन अगर किसी विद्युत क्षेत्र में डाले जाएँ तो ऋणात्मक (निगेटिव) आवेश वाले कैथोड की ओर आकर्षित होते हैं।
  • धनायन (+): इनमें प्रोटोन अधिक और इलेक्ट्रॉन कम होते हैं। अंग्रेज़ी में इन्हें ऐनायन (anion) कहते हैं क्योंकि धनात्मक आवेश वाले यह आयोन अगर किसी विद्युत क्षेत्र में डाले जाएँ तो धनात्मक (पोज़िटिव) आवेश वाले ऐनोड की ओर आकर्षित होते हैं।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. University of Colorado Boulder (November 21, 2013). "Atoms and Elements, Isotopes and Ions". colorado.edu.