मुख्य मेनू खोलें
किसी लो-पास, प्रथम ऑर्डर, की आवृत्ति अनुक्रिया

किसी तंत्र (सिस्टम) के इनपुट की आवृत्ति बदलने पर उसके आउटपुट का परिमाण (मैग्निट्यूड) एवं फेज के परिवर्तन को उस तंत्र की आवृत्ति अनुक्रिया (फ्रेक्वेन्सी रिस्पान्स) कहते हैं। आवृत्ति अनुक्रिया उस तंत्र की गतिक विशेषता बताती है। इसका नियन्त्रण तंत्र के डिजाइन में बहुत उपयोग होता है।

दूसरे शब्दों में, किसी सिस्टम के इनपुट में एक नियत परिमाण की साइन तरंग लगाते हैं और इस साइन तरंग की आवृत्ति को f1, f2, f3, ... fn आदि पर रखकर उस सिस्टम के आउटपुट के परिमाण और फेज को नोट किया जाय तथा परिमाण~आवृत्ति एवं फेज~आवृत्ति ग्राफ खींचे जांय तो उसे उस तंत्र का 'आवृत्ति-अनुक्रिया' कहते हैं।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें