इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन हादसा

Map of India with mark showing location of accident
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हादसे का स्थान


20 नवम्बर 2016 को कानपुर से 100 किलोमीटर दूर पुखरायां में रविवार तड़के क़रीब तीन बजे पटना-इंदौर एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतरने के कारण यह बड़ा हादसा हुआ। ये ट्रेन इंदौर से पटना जा रही थी।[1] हादसे में 153 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है। वहीं 250 से ज्यादा के घायल होने की भी खबर है।[2]

इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन हादसा
विवरण
तिथि 20 नवम्बर 2016
समय 3:10 AM
स्थान पुखरायां, कानपुर, उत्तर प्रदेश
देश भारत
स्वामी भारतीय रेलवे
दुर्घटना प्रकार पटरी से उतरना
कारण जांच जारी
आँकड़े
ट्रेन 1
मृत्यु 153 लगभग
घायल 250 लगभग
इंदौर से पटना के लिए ट्रेन का निर्धारित मार्ग

अनुक्रम

हादसासंपादित करें

हादसा रविवार सुबह 3 बजकर 10 मिनट पर हुआ। ट्रेन इंदौर से पटना की ओर जा रही थी। जैसे ही इंदौर-पटना एक्सप्रेस जब पुखरायाँ स्टेशन से गुजरते हुए कानपुर के लिए निकली ही थी, कि कुछ क्षण बाद दलेल नगर क्रासिंग के पास ट्रेन के चौदह डिब्बे पटरी से उतर गए। राज्य की बसों के द्वारा घायलों को अस्पताल ले जाया गया, वहीं मृतकों को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया गया। डॉक्टर्स और पैरामेडिकल की टीमें भी घटनास्थल पर राहत कार्य के लिए पहुँचीं।[2]

हेल्पलाइन नंबरसंपादित करें

  • हादसे के समय जारी किये गए हेल्पलाइन नंबर
  • पुखरायां -05113/270239,
  • झांसी -05101072,
  • उरई- 051621072,
  • कानपुर 05121072,
  • इलाहाबाद -05321072,
  • टूंडला -056121072,
  • अलीगढ़ -05711072,
  • इटावा-056881072
  • फतेहपुर -051801072
  • इंदौर- 07311072 [3]

बचाव कार्यसंपादित करें

अनेक लोग डिब्बों में फसे हुए थे। गैस कटर की मदद से डिब्बों को काटकर फंसे हुए लोगों को निकालने की कोशिशें की गयीं। राहत व बचाव कार्यों में एनडीआरएफ और प्रशासन की टीमें लगीं। सेना की टीम भी बचाव कार्य के लिए घटनास्थल पहुँचीं।[2]

परिणामसंपादित करें

कानपुर रेल हादसे के कारण कई ट्रेनें रद्द व डायवर्ट कर दी गयीं।

  • रद्द ट्रेन- 11109 झांसी-लखनऊ इंटरसिटी, 51803 झांसी- कानपुर पैसेंजर।
  • डायवर्टेड ट्रेन- 12542, 12522 - आगरा और कानपुर से होकर, 12541 भीमसेन, बांदा, इटारसी से होकर, 12534 ग्वालियर और इटावा से होकर।[4]

मृत्युसंपादित करें

हादसे में मारे गए लोगों में से 7 की मध्यप्रदेश के नागरिकों के तौर पर पहचान हुई।[5]

मुआवज़ासंपादित करें

  • रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने मृतकों के परिवारों को 3.5 लाख रुपए देने का ऐलान किया। गंभीर रूप से ज़ख़्मी लोगों को 50 हज़ार और मामूली रूप से घायल यात्रियों को 25 हज़ार रुपए दिए जाएंगे।
  • पीटीआई के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिवार को 2-2 लाख रुपए और गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हज़ार रुपए देने का ऐलान किया।
  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपए और गंभीर रूप से घायल हुए यात्रियों को 50-50 हज़ार रुपए देने की घोषणा की।[1]
  • मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने घोषणा की कि मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार और सामान्य घायलों को 25-25 हजार रुपये दिए जाएंगे।[6]

प्रतिक्रियासंपादित करें

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मेरी प्रार्थनाएं भीषण रेल हादसे में घायल लोगों के साथ हैं। मैंने इस बारे में रेल मंत्री सुरेश प्रभु से बात की है, जो व्यक्तिगत रूप से इस मामले पर निगाह रखे हुए हैं।"[1]
  • गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "कानपुर के नज़दीक पटना-इंदौर एक्सप्रेस के पटरी से उतरने में मारे गए लोगों की ख़बर से गहरा शोक पहुंचा है. पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।"[1]
  • रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि कानपुर रेल हादसे की जांच होगी और जो भी लोग हादसे के लिए ज़िम्मेदार होंगे उन पर कड़ी कार्रवाई होगी।[1]
  • रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने ट्वीट किया, "पटना-इंदौर एक्सप्रेस में दुर्घटना में मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की ईश्वर से कामना करता हूँ।"[4]
  • राहुल गाँधी ने ट्वीट किया, "इंदौर- पटना एक्सप्रेस के पटरी से उतरने की खबर सुनकर बहुत गहरा दुःख हुआ, जिसमें अनके जाने चली गयीं, शोकाकुल परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं।"[7]
  • बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने कहा, "इंदौर- पटना एक्सप्रेस की दुर्घटना से काफी दुःख हुआ, जिसमें अनके जाने चली गयीं, शोकाकुल परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं।"[8]
  • उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि जांच होने के बाद ही हादसे के कारणों का पता लगाया जा सकता है।[6]
  • छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।[8]
  • शिवपाल सिंह यादव ने इसे एक दु:खद हादसा: करार दिया और कहा हम मृतक लोगों के परिजनों के साथ हैं।[2]
  • प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, "दु:खद : अभी हमारी प्राथमिकता इस बात पर होनी चाहिए कि बचाव कार्य ठीक से हो।[2]

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें