कृष्ण शलभ द्वारा रचित प्रसिद्ध बाल साहित्य की पुस्तक।[1]

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हौसला रख / डॉ लाल थदानी

रुकना नहीं तू कभी हारकर , चलता चल कर्तव्य के मार्ग पर । हौसला व हिम्मत को संग कर , बढ़ता चल अडिग निर्भय होकर ।।

भय-विस्मय का मजबूती से अंत कर, विपत्ति को आसानी से जीत कर। कर्म कर ज्यादा बातें चंद कर, इरादे मजबूत मंज़िल बुलंद कर ।।

टूटना नहीं कभी तू विवश होकर, अपना मनोबल इतना सशक्त कर । आत्मविश्वास रहे तेरा हमसफर , कठिनाई आए तो न डगमगा न डर ।


डॉ लाल थदानी पूर्व अध्यक्ष राजस्थान

  1. सिंधीअकादमी जयपुर ।#LiveAndLoveLife

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  1. बचपन एक समंदर,666 (प्रतिनिधि बाल कविताएँ),. 252, नया आवास विकास, सहारनपुर (उ०प्र०) २४७००१: नीरजा स्मृति बाल साहित्य न्यास. 2009. पृ॰ 511. नामालूम प्राचल |lastt= की उपेक्षा की गयी (मदद); |firstlast= missing |lastlast= in first (मदद); |access-date= दिए जाने पर |url= भी दिया जाना चाहिए (मदद)सीएस1 रखरखाव: स्थान (link)