अब्द अल्लाह इब्न अब्बास (सी 619-687 सीई) उन्हें इब्न अब्बास के नाम से भी जाना जाता है, इस्लामी पैगंबर मुहम्मद के चचेरे भाइयों में से एक थे। आप को कुरान का सबसे बड़ा मुफस्सिर माना जाता है। [1]

वह अब्बास इब्न अब्द अल-मुत्तलिब, मुहम्मद के चाचा, और मयमुना बिन्त अल-हरीथ के भतीजे थे। हज़रत मयमुना हज़रत मुहम्मद की पत्नी थीं। खिलाफत के शुरुआती संघर्षों के दौरान उन्होंने अली का समर्थन किया, और उन्हें बसरा का गवर्नर बनाया गया। कुछ ही दिनों बाद वह मक्का चले गये। मुआविया के शासनकाल में वह हिजाज़ में रहे और अक्सर दमिश्क की यात्रा करता थे। मुआविया की 680 ईस्वी में मृत्यु हो गई। इसके बाद ताइफ चले गये, जहाँ उसकी मृत्यु लगभग 687 ईस्वी में हुई। [2] [3]

अब्द अल्लाह इब्न अब्बास अहादीस के ज्ञान और कुरान की अपनी आलोचनात्मक व्याख्या के लिए मश्हूर हैं। शुरू से ही उन्होंने मुहम्मद के अन्य साथियों से जानकारी इकट्ठी की और तालीम दी और टिप्पणियां लिखीं। [2]

जीवनीसंपादित करें

परिवारसंपादित करें

619-632: मुहम्मद का युगसंपादित करें

632-634: अबू बक्र का युगसंपादित करें

634-644: उमर का युगसंपादित करें

656-661: अली का युगसंपादित करें

 
ताइफ़ में मस्जिद अब्दुल्ला बिन अब्बास

संदर्भसंपादित करें

  1. Ludwig W. Adamec (2009), Historical Dictionary of Islam, p.134.
  2. "'Abd Allah ibn al-'Abbas". Encyclopædia Britannica (15th) I: A-Ak - Bayes: 16। (2010)। Chicago, Illinois: Encyclopædia Britannica, Inc.।"'Abd Allah ibn al-'Abbas".
  3. There is uncertainty as to the actual year of his death.