इस्लामवाद (इस्लाम + वाद, अरबी: إسلام سياسي इस्लाम सियासी, "राजनीतिक इस्लाम ', या الإسلامية अल इस्लामिया) एक ऐसा कान्सेप्ट है जिसका अर्थ विवाद का विषय है। इस्लामवाद का अर्थ अनेकों प्रकार की सामाजिक एवं राजनैतिक कार्यों से है, जिनमें से कुछ ये हैं-

  • कि सार्वजनिक जीवन और राजनैकि जीवन इस्लामी सिद्धान्तों के अनुसार चलना चाहिए, या
  • कि सार्वजनिक जीवन और राजनैतिक जीवन में शत-प्रतिशत इस्लामी कानून (शरिया) लागू किया जाना चाहिए, या
  • पश्चिमी जनसंचार माध्यमों में इस्लामवाद से आशय उन समूहों से है जो शरिया पर आधारित इस्लामी-राज्य स्थापित करना चाह्ते हैं,
  • आमतौर पर इस्लामवाद को 'राजनैतिक इस्लाम' या इस्लामी कट्टरवाद का पर्यायवाची माना जाता है,
  • इस्लामवादी शरिया लागू करने पर जोर दे सकते हैं; वैश्विक स्तर पर इस्लामी एकता पर जोर दे सकते है; किसी देश को इस्लामी राज्य घोषित करने पर जोर दे सकते हैं;
  • या किसी देश पर गैर-मुस्लिम देश के प्रभाव को कम करने या हटाने पर जोर दे सकते हैं,
  • मुसलमानी देशों में 'इस्लामवाद' के समर्थक इसको सकारात्मक अर्थ में लेते हैं।

२०वीं शताब्दी के प्रमुख इस्लामवादी चेहरे ये हैं- हसन अल-बन्ना, सय्यिद कुत्ब, अबुल अल मौदूदी और रुहोल्ला खोमैनी

इस्लामवाद विचारधाराओं का एक सेट है, जो यह मानता है कि " इस्लाम को सामाजिक और राजनीतिक के साथ ही व्यक्तिगत जीवन मार्गदर्शन करना चाहिए। "[1] इस्लामवाद एक विवादास्पद नवनिर्मित प्रयोग है और इसकी परिभाषा कभी कभी बदलती रहती है। अग्रणी इस्लामवादी विद्वान शरीयत (इस्लामी कानून) के क्रियान्वयन, अखिल इस्लामी राजनीतिक एकता पर जोर देते हैं और मुस्लिम दुनिया में गैर मुस्लिमों के प्रभाव, विशेष रूप से पश्चिमी सैनिकों, उनके आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक, या सांस्कृतिक प्रभावों को हटाने पर भी जोर देते हैं। वे मानते हैं कि ये सब इस्लाम के साथ असंगत हैं।[2]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Berman, S, "Islamism, Revolution, and Civil Society, Perspectives on Politics", Vol. 1, No. 2, June 2003, American Political Science Association, p. 258
  2. Qutbism: An Ideology of Islamic-Fascism Archived 2016-03-04 at the Wayback Machine by DALE C. EIKMEIER From Parameters, Spring 2007, pp. 85-98. Accessed 6 फ़रवरी 2012

इन्हें भी देखेंसंपादित करें