ईरान का परमाणु कार्यक्रम 1950 के दशक में संयुक्त राज्य अमेरिका की मदद से शांति के लिए परमाणु कार्यक्रम (Atoms for Peace program) के रूप में शुरू किया गया था।[1] ईरान के परमाणु कार्यक्रम में संयुक्त राज्य अमेरिका और पश्चिमी यूरोपीय देशों की भागीदारी 1979 ईरानी क्रांति (ईरान के शाह की विदाई) तक जारी रही।[2][3]

1979 की क्रांति के बाद, एक गुप्त परमाणु हथियार अनुसंधान कार्यक्रम जो अयातुल्ला रूहोल्लाह खोमैनी ने भंग कर दिया। क्योंकि वह मानता था कि इस तरह के हथियार मुस्लिम नैतिकता और न्यायशास्त्र के तहत वर्जित माने जाते हैं।[4] परमाणु हथियारों में छोटे पैमाने पर अनुसंधान ईरान-इराक युद्ध के दौरान फिर से आरंभ हुआ और 1989 में अयातुल्ला की मौत के बाद इसमें महत्वपूर्ण विस्तार किया गया।[5] ईरान के परमाणु कार्यक्रम में कई अनुसंधान स्थल, दो यूरेनियम खानें, एक अनुसंधान रिएक्टर और यूरेनियम प्रसंस्करण सुविधाएँ जिसमें तीन ज्ञात यूरेनियम संवर्धन संयंत्रों को शामिल किया जाता है, को शामिल किया गया है।[6]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Roe, Sam (28 जनवरी 2007). "An atomic threat made in America". Chicago Tribune. मूल से 5 अप्रैल 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 1 जुलाई 2009.
  2. "Iran Affairs: Blasts from the Past: Western Support for Iran's Nuclear program". 2008. मूल से 6 दिसंबर 2012 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 24 फ़रवरी 2008.
  3. Haidar, J.I., 2015."Sanctions and Exports Deflection: Evidence from Iran Archived 30 जुलाई 2017 at the वेबैक मशीन.," Paris School of Economics, University of Paris 1 Pantheon Sorbonne, Mimeo
  4. Yossi Melman, Meir Javedanfar, The Nuclear Sphinx of Tehran, Basic Books, 2008 pp.89–90.
  5. Tanya Ogilvie-White,'The Defiant States,' p.254.
  6. Kerr, Paul (26 सितंबर 2012). "Iran's Nuclear Program: Status" (PDF). Congressional Research Service. मूल से 23 अगस्त 2013 को पुरालेखित (PDF). अभिगमन तिथि 2 अक्टूबर 2012.