उच्चायुक्त आयोग द्वारा नियुक्त विभिन्न विशेष उच्च कार्यकारी पदों का नाम होता है। इस नाम का उपयोग सामान्यतः अंतरराष्ट्रीय राजनयिक पदों के लिए किया जाता है। तथा, ऐतिहासिक तौरपर, ब्रिटिश साम्राज्य के उपनिवेशों में विभिन्न उच्च प्रशासनिक पदों के लिए किया जाता था। वर्त्तमान समय में भी विभिन्न राष्ट्रमंडल देशों में राजनयिक पदों को उच्चायुक्त कह कर संबोधित किया जाता है। साथ ही कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों के उच्च पदों को भी उच्चायुक्त कहा जाता है।

नामकरणसंपादित करें

"उच्चायुक्त" शब्द मूलतः अंग्रेजी शब्द हाई कमिशनर (High Comissioner) का हिंदी अनुवाद है। "हाई कमिशनर" नामक पद विभिन्न अंतरराष्ट्रीय राजनयिक पदों के लिए उपयोग किया जाता है।

राष्ट्रमंडलसंपादित करें

 
टोंगा में न्यूज़ीलैंड का उच्चायोग
इन्हें भी देखें: राष्ट्रमंडल

राष्ट्रमंडल देशों में, "उच्चायुक्त" किसी दूसरे राष्ट्रमंडल देश की सरकार के राजनयिक मिशन का वरिष्ठ राजनयिक प्रभारी होता है। राष्ट्रमंडल देशों के बीच के राजनयिक मिशनों को दूतावास के बजाय, आमतौर पर उच्चायोग कहा जाता है। हालांकि किसी उच्चायुक्त की भूमिका किसी राजदूत के समान ही होती है।[1]

अंतरराष्ट्रीय संगठनसंपादित करें

संयुक्त राष्ट्र तथा अन्य बहुराष्ट्रीय संगठनों के भी प्रतिनिधि आयोगों के उच्चाधिकारियों को उच्चायुक्त या हाई कमिशनर कहा जाहिर है, उदाहरण के लिए अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार उच्चायुक्त। तथा ऐतिहासिय कूट पर संयुक्त सरहटर ने भी कई युद्ध पीड़ित देशों में उच्चायुक्त भेजे हैं।

इसके अलावा ऐतिहासिक तौरपर, राष्ट्र आयुक्तों और संयुक्त राष्ट्र न्यास शासित प्रदेशों के गैर-संप्रभु राष्ट्रों के राष्ट्र संघ के अधिकार के तहत स्थापित संक्रमणकालीन शासन के तहत उच्चायुक्त का पद विशेष रूप से प्रशासकों के 'औपनिवेशिक शासन से मुक्ति' के दौरान इस्तेमाल किया गया था। या यूएन, क्रमशः, उन्हें पूर्ण स्वतंत्रता के लिए तैयार करने के लिए।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें

  1. The Post of High Commissioner Archived 29 मार्च 2014 at the वेबैक मशीन., The Monarchist, THURSDAY, 22 May 2008.