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कोलेस्ट्रॉल (Orange balls)।

कोलेस्ट्रॉल रक्त में घुलनशील नहीं होता है। उसका कोशिकाओं तक एवं उनसे वापस परिवहन लिपोप्रोटींस नामक वाहकों द्वारा किया जाता है। निम्न-घनत्व लिपोप्रोटीन या एलडीएल, बुरे कोलेस्ट्रॉल के नाम से जाना जाता है। उच्च-घनत्व लिपोप्रोटीन या एचडीएल, अच्छे कोलेस्ट्रॉल के नाम से जाना जाता है। ट्राइग्लीसिराइड्स एवं Lp (a) कोलेस्ट्रॉल के साथ ये दो प्रकार के लिपिड, कुल कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बनाते हैं, जिसे रक्त परीक्षण के द्वारा ज्ञात किया जा सकता है।[1]

उच्च घनत्व लिपोप्रोटीन (हाई डेनसिटी लिपोप्रोटीन्स) को अच्छा कोलेस्ट्रॉल माना जाता है।[1][2][3] इसका उत्पादन भी यकृत ही से होता है, जो कोलेस्ट्रॉल और पित्त को ऊतकों और इंद्रियों से पुनष्चक्रित करने के बाद वापस लिवर में पहुंचाता है। एच डी एल कोलेस्ट्रॉल की मात्रा का अधिक होना एक अच्छा संकेत है, क्योंकि इससे हृदय के स्वस्थ होने का पता चलता है।[1] राष्ट्रीय कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण कार्यक्रम के अनुसार शरीर में एच डी एल कोलेस्ट्रॉल का स्तर ६० मिली ग्राम/डीएल से अधिक नहीं होनी चाहिए। अच्छे कोलेस्ट्रॉल भोजन में शामिल हैं मछली का तेल, सोयाबीन उत्पाद, एवं हरी पत्तेदार सब्ज़ियां। सप्ताह में पांच दिन, एवं प्रत्येक बार लगभग ३० मिनट के लिए ऐरोबिक व्यायाम (पैदल चलना, दौड़ना, सीढ़ी चढ़ना आदि) करें तो केवल दो महीनों में एचडीएल ५ प्रतिशत से बढ़ा सकते हैं। धूम्रपान कम या बंद करने भर से एचडीएल १० प्रतिशत से बढ़ सकता है। वज़न कम करना भी अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने का अन्य तरीका है। शरीर का वज़न प्रत्येक छ: पाउण्ड कम करने पर शरीर में अच्छा कोलेस्ट्रॉल १ मिली ग्राम/डेसि.लि. से बढ़ा सकते हैं।[1][3]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "अच्छे कोलेस्ट्रॉलयुक्त भोजन". इंडिया डवलपमेंट गेटवे. पपृ॰ ०१. अभिगमन तिथि 20 सितंबर 2009.
  2. ह्दयरोग विशेषज्ञ, डॉ॰ सुमन भण्डारी,. "तौबा कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से". पत्रिका.कॉम.
  3. पांड्या, डॉ॰ सोना. "कोलेस्ट्रॉल बुरा ही नहीं अच्छा भी". वेब दुनिया. पपृ॰ ०२.