उत्तर-दक्षिण मंत्रिस्तरीय परिषद

उत्तर-दक्षिण मंत्रिस्तरीय परिषद् या नॉर्थ/साउथ मिनिस्ट्रियल काउंसिल (NSMC) (आयरिश: An Chomhairle Aireachta Thuaidh-Theas, अल्सटर-स्कॉट्स : North South Meinisterlie Council)[1] गुड फ्राइडे समझौते के तहत स्थापित एक संस्था है, जिसकी स्थापना सम्पूर्ण आयरलैंड द्वीप में कुछ सरकारी शक्तियों को सक्रिय करने और लागू करने हेतु किया गया है।

उत्तर/दक्षिण मंत्रिस्तरीय परिषद्
North/South Ministerial Council
Logo of the North/South Ministerial Council
संक्षेपाक्षर NSMC
स्थापना 13 दिसम्बर 1999; 24 वर्ष पूर्व (1999-12-13)
प्रकार अंतर-सरकारी संसथान
वैधानिक स्थिति ब्रिटिश-आयरिश समझौता
मुख्यालय आरमाघ, उत्तरी आयरलैंड
निर्देशांक 54°21′00″N 6°39′20″W / 54.350036°N 6.655606°W / 54.350036; -6.655606
सेवित
क्षेत्र
आयरलैंड
जालस्थल www.northsouthministerialcouncil.org

यह परिषद आयरलैंड गणराज्य और उत्तरी आयरलैंड दोनों के मंत्रियों के बीच बैठकों का रूप लेती है तथा इन दोनों अधिकारक्षेत्रों में बारह नीतिगत विषयों हेतु जिम्मेदार है। इनमें से छह विषय उत्तर/दक्षिण कार्यान्वयन निकायों का उत्तरदायित्व हैं। इसका मुख्यालय उत्तरी आयरलैंड के आर्माग शहर में स्थित है।

उत्तर-दक्षिण मंत्रिस्तरीय परिषद और उत्तरी आयरलैंड विधानसभा, गुड फ्राइडे समझौते द्वारा स्थापित दो "पारस्परिक रूप से अंतर-निर्भर" संस्थान हैं, जो एक दूसरे के बिना मौजूद नहीं रह सकते।[2] जब उत्तरी आयरलैंड विधानसभा को निलंबित कर दिया जाता है, इसके अधीन सहयोग इन सभी विषयों की जिम्मेदारी ब्रिटिश-आयरिश अंतर सरकारी सम्मेलन के अधीन चली जाती है।

इन्हें भी देखें

संपादित करें
  1. "North-South Ministerial Council: 2011 Yeirlie Report" (PDF). Armagh: North/South Ministerial Council. 2012. मूल से 2 सितंबर 2012 को पुरालेखित (PDF). अभिगमन तिथि 28 मई 2020. Note: The council has used a number of different translations since its inception. It was originally known as Tha Noarth-Sooth Cooncil o Männystèrs.
  2. Christine Bell (2003), Peace Agreements and Human Rights, Oxford: Oxford University Press, पृ॰ 141, The agreement makes it clear that the North-South Ministerial Council and the Northern Ireland Assembly are 'mutually inter-dependent, and that one cannot successfully function without the other.' This interdependence is constructed so as to ensure that nationalists and unionists cannot 'cherrypick' the aspects of government which they particularly want to implement. Thus, unionists only get the Assembly and devolved power if they operate the cross-border mechanisms, and for nationalists the situation is reversed.

बाहरी कड़ियाँ

संपादित करें