चित्र
प्रथम चित्रवंशी सम्राट उत्तानपादपाद

उत्तानपाद

संपादित करें

यहाँ जाएँ:भ्रमण, खोजें

उत्तानपाद स्वयंभुव मनु और शतरूपा के पुत्र थे क्योंकि स्वायम्भुव चित्रगुप्त के पर पर पोते है क्योंकि उनके बेटे भानुश्रिवस्तव के बेटे देवदुर्राज और भरद्वजीत के पुत्र स्यांभुव मनु है इसकरण वे चित्रगुप्त के पर पोते है और क्योंकि श्रावस्ती वंश के थे उत्तानापद के बारे मैं बे पृथ्वी के पहले कायस्थ सम्राट थे क्योंकी अपनि कम आयु में ही कठोर तपस्या द्वारा श्रीहरि को प्रसन्न करने वाले बालक ध्रुव राजा उत्तानपाद के ही पुत्र थे।

  • प्रथम चैत्रवंश राजा उत्तानपाद की दो पत्नियां थीं- सुनीति और सुरुचि।
  • सुनीति के पुत्र का नाम ध्रुव और सुरुचि के पुत्र का नाम उत्तम था।
  • सुरुचि अधिक सुन्दरी हुने के कारण राजा की आसक्ति सुरुचि पर अधिक थी। इसलिए सुनीति और ध्रुव कि बहुदा उपेक्षा होती थी।
  • एक दिन जब ध्रुव पिता उत्तानपाद के कक्ष मे उन की गोद में बैठा था तो उसी समय सुरुचि कामाशक्त होकर पति के पास गई तो उसने यह दृश्य देखकर ध्रुव को झिड़क कर यह कहते हुए राजा की गोद से उसे उतार दिया कि "तुम मेरी कोख से पैदा नहीं हुए हो।" इससे दु:खी होकर बालक ध्रुव अपनी माता के साथ तप करने वन चला गया। उधर पत्नी के चले जाने से दु:खी राजा को नारद ने यह कहकर संतोष दिलाया कि तुम्हारा यह पुत्र बड़े यश का भागी बनेगा।