जब उपमान से भिन्नता जानते हुए भी उपमेय में उपमान की संभावना व्यक्त की जाती है तो उत्प्रेक्षा अलंकार होता है इसमें प्रायः हम मनु मनो निश्चय जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है

उस काल मारे क्रोध के तन काँपने उनका लगा
मानो हवा के वेग से सोता हुआ सागर जगा।