ऊँचाई (अंग्रेज़ी: Elavation) वह माप है जो किसी धरातलीय बिंदु की (स्थान की) किसी सन्दर्भ तल से ऊर्ध्वाधर दूरी या ऊँचाई बताती है; जिसमें सन्दर्भ तल बहुधा समुद्र तल अथवा ज्योइड (Geoid) होता है।[1]

पृथ्वी का ऊँचाई हिस्टोग्राम histogram – लगभग 71% पृथ्वी की सतह समुद्र द्वारा आच्छादित है

ज्योइड एक तरह की काल्पनिक आकृति है जो समुद्री जल की औसत सतह से निर्मित मानी जाती है और साथ ही महाद्वीपीय भागों में भी इस सतह के विस्तार को प्रकल्पित कर लिया जाता है।[2]

चूँकि अलग-अलग जगहों पर गुरुत्वाकर्षण बल में भूपर्पटी की चट्टानों की सघनता में भिन्नता के कारण कुछ-न-कुछ अंतर पाया जाता है, प्रत्येक जगह पर इस ज्योइडल सतह या समुद्र तल की पृथ्वी के केन्द्र से दूरी एक सामान नहीं होती।[3] इसी लिये प्रत्येक देश अपने सर्वेक्षणों के लिये किसी एक निश्चित जगह के समुद्र तट पर स्थित बिंदु के समुद्र तल को सन्दर्भ तल मान कर ऊंचाईयों की गणना करता है। भारत में ऊँचाइयाँ मद्रास (अब चेन्नई) के समुद्र तट से मापी जातीं रही हैं और यहीं से ग्रेट आर्क सर्वे आरम्भ हुआ था।[4] अब भारत की ऊँचाइयाँ एवरेस्ट-1930 सन्दर्भ तल से मापी जाती हैं जिसका आधार बिंदु मध्य प्रदेश में कल्याणपुर के पास है।[5]

उच्चामवच

संपादित करें

तुंगमितिक अध्ययन

संपादित करें
 
तुंगतामिति (Hypsography) चित्रण; Notice that Earth has two peaks in elevation, one for the continents, the other for the ocean floors.

इन्हें भी देखें

संपादित करें
  1. Elevation meeaning, 2 Archived 2014-11-06 at the वेबैक मशीन, ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी, ऑनलाइन
  2. What is the geoid? Archived 2014-11-02 at the वेबैक मशीन, NOVAA
  3. "The Earth's Geoid". मूल से 27 सितंबर 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 3 सितंबर 2014.
  4. THE TRIGONOMETRICAL SURVEY (With a Sketch-map.) Archived 2016-03-05 at the वेबैक मशीन By F. C. DANVERS, A. I. C.E.
  5. B.K. Srivastava, Error Estimates for WGS-84 and Everest (India-1956) Transformation Archived 2012-09-30 at the वेबैक मशीन, gisdevelopment.net