महोबा के वीर योद्धा ऊदल की प्रतिमा का चित्र

ऊदल बुन्देलखण्ड (महोबा) के एक वीर अहीर[1] योद्धा थे जिनकी वीरता की कहानी आज भी उत्तर-भारत के गाँव-गाँव में गायी जाती है। जगनिक ने आल्ह-खण्ड नामक एक काव्य रचा था उसमें इन वीरों की गाथा वर्णित है।[2]

कालिंजर तथा महोबा के चन्द्रवंशी शासक परमर्दिदेव थे। आल्ह-खण्ड के रचयिता जगनिक इन्हीं के दरबारी कवि थे। इन्हें राजा परमाल भी कहा जाता है। आल्हा लोकगाथा के प्रसिद्ध वीर नायक आल्हा और ऊदल इन्हीं के दरबार के दो वीर सामन्त थे जिन्होंने बहादुरी के साथ बावन लड़ाइयों में भाग लिया था। ऊदल आल्हा का सगा छोटा भाई था परन्तु आल्हा से अधिक बहादुर था। बावन लड़ाइयों में से तेइस का नेतृत्व अकेले ऊदल ने ही किया था। महोबा में ऊदल की प्रतिमा स्थापित है जिसका चित्र यहाँ दिया जा रहा है।

पं० ललिता प्रसाद मिश्र ने अपने ग्रन्थ आल्हखण्ड की भूमिका में आल्हा को युधिष्ठिर और ऊदल को भीम का साक्षात अवतार बताते हुए लिखा है - "यह दोनों वीर अवतारी होने के कारण अतुल पराक्रमी थे। ये प्राय: १२वीं विक्रमीय शताब्दी में पैदा हुए और १३वीं शताब्दी के पुर्वार्द्ध तक अमानुषी पराक्रम दिखाते हुए वीरगति को प्राप्त हो गये। वह शताब्दी वीरों की सदी कही जा सकती है और उस समय की अलौकिक वीरगाथाओं को तब से गाते हम लोग चले आते हैं। आज भी कायर तक उन्हें (आल्हा) सुनकर जोश में भर अनेकों साहस के काम कर डालते हैं। यूरोपीय महायुद्ध में सैनिकों को रणमत्त करने के लिये ब्रिटिश गवर्नमेण्ट को भी इस (आल्हखण्ड) का सहारा लेना पड़ा था।"[3]

आल्हा छन्द में लिखी आल्हखण्ड की ये पंक्तियाँ तो आज भी नौजवानों में जोश भर देती हैं:

"बारह बरस लौ कूकर जीवै, अरु सोरह लौ जियै सियार। बरस अठारह क्षत्री जीवै, आगे जीवै को धिक्कार॥"

सन्दर्भसंपादित करें

  1. India, Archæological Survey of (1885). Reports (अंग्रेज़ी में). Office of the Superintendent of Government Printing.
  2. मिश्र, पं० ललिता प्रसाद (2007). आल्हखण्ड (15 संस्करण). पोस्ट बॉक्स 85 लखनऊ 226001: तेजकुमार बुक डिपो (प्रा०) लि०. पृ॰ 1-11 (महोबे का इतिहास). |year= में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद)सीएस1 रखरखाव: स्थान (link)
  3. मिश्र, पं० ललिता प्रसाद (2007). आल्हखण्ड (15 संस्करण). पोस्ट बॉक्स 85 लखनऊ 226001: तेजकुमार बुक डिपो (प्रा०) लि०. पृ॰ 1 (भूमिका). |year= में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद)सीएस1 रखरखाव: स्थान (link)

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें

  • आल्हा (विकीस्रोत पर)
  • मिश्र, पं० ललिता प्रसाद (2007). आल्हखण्ड (15 संस्करण). पोस्ट बॉक्स 85 लखनऊ 226001: तेजकुमार बुक डिपो (प्रा०) लि०. पृ॰ 614. |year= में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद)सीएस1 रखरखाव: स्थान (link)