ऊष्मीय ऊर्जा के कारण निकलती रोशनी के साथ-साथ ऊष्मा भी निकल रही है।

ऊष्मीय ऊर्जा एक प्रकार की आंतरिक ऊर्जा होती है। जो किसी भी स्थान पर अपने तापमान के द्वारा प्रभाव डालती है। औसतन गतिज ऊर्जा से इधर उधर घूमते कण इसी के द्वारा स्वतंत्र रूप से घूमते रहते हैं। यह हर कण में उपस्थित ऊष्मीय ऊर्जा को दर्शाता है।[1]

परिभाषासंपादित करें

जब किसी वस्तु को इतने तापमान में गर्म किया जाता है या किसी वस्तु का तापमान इतना अधिक हो जाता है कि उससे गर्म निकलने लगे तो उसे ऊष्मा कहते हैं, और इस ऊर्जा को ऊष्मीय ऊर्जा कहते हैं।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Thermal energy entry in Britannica Online Archived 18 नवम्बर 2008 at the वेबैक मशीन. (अंग्रेज़ी में)

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें