ग्रेगोरियन कैलेंडर में ईसवी () ईसा मसीह के जन्म के बाद के वर्षों को दर्शाता है और ईसा पूर्व (ई.पू.) उनके जन्म से पूर्व के वर्षों को दर्शाता है।[1]

उदाहरण:10 ई. का मतलब है ईसा के जन्म से 10 साल बाद का समय। 10 ई.पू. का मतलब है ईसा के जन्म से 10 साल पहले का समय। उदाहरण:चंद्रगुप्त मौर्य का जन्म 345 ईसा पूर्व तथा मृत्यु 297 ईसा पूर्व में हुआ इसका मतलब 345 साल पहले जन्म लिए 297 वर्ष पहले मृत्यु हुई वह कुल उम्र 48 वर्ष हुई।

आजकल ईसवी की जगह कॉमन एरा (सी.ई अथवा CE; हिन्दी में 'सामान्य संवत' या 'सा.सं.') और ईसा पूर्व की जगह "बिफ़ोर कॉमन एरा" (बी.सी.ई या BCE; हिन्दी में 'सामान्य संवत पूर्व' या 'सा.सं.पू.')[2] का प्रयोग सामान्य हो गया है। भोले🙏। आकांक्षा राय

वर्तमान मे प्रचलित कैलेंडर (इशाई कलेंडर /जुलियन)ईसाई धर्म गुरु ईसा मसीह के जन्म वर्ष कल्पित पर आधारित है ईसा मसीह के जन्म के पहले के समय को ईशा पूर्व कहा जाता है ईशा पुर में वोटों की गिनती उलटी दिशा में होती जैसे महात्मा बुध का जन्म 563 ईशा पूर्व में एक मृत्यु 493धर्म गुरु ईसा मसीह के जन्म वर्ष कल्पित पर आधारित है ईसा मसीह के जन्म के पहले के समय को ईशा पूर्व कहा जाता है इशापुर में वोटों की गिनती उलटी दिशा में होती जैसे महात्मा बुध का जन्म 563 ईसा पूर्व में एक मृत्यु 83 ईसापुर में हुआ ज्ञान ईशा 483 ईसापुर में हुआ ज्ञान ईसा मसीह के जन्म के 530 वर्ष पूर्व महात्मा गांधी का जन्म एवं 483 वर्ष पूर्ण 483 ईसापुर में हुआ ज्ञान ईसा मसीह के जन्म के 530 वर्ष पूर्व महात्मा गांधी का जन्म एवं 483 वर्ष पूर्व मृत्यु हो गया है

                 आकांक्षा राय
  1. ब्लैक्बर्न, बॉन्नी; Leofranc Holford-Strevens (2003) [1999]. The Oxford companion to the Year: An exploration of calendar customs and time-reckoning. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-19-214231-3.
  2. उपिन्दर सिंह, प्राचीन एवं पूर्व मध्यकालीन भारत का इतिहास : पाषाण काल से 12वीं शताब्दी तक, पियर्सन इंडिया एजुकेशन सर्विसेज प्रा॰ लि॰, पंचम पुनर्मुद्रण-2019, पृष्ठ-xxiv.