ऍप्सिलन सॅन्टौरी, जिसका बायर नाम भी यही (ε Centauri या ε Cen) है, नरतुरंग तारामंडल का एक तारा है और पृथ्वी से दिखने वाले तारों में से ७२वाँ सब से रोशन तारा है। यह हमसे ३८० प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित है और पृथ्वी से इसका औसत सापेक्ष कांतिमान (यानि चमक का मैग्निट्यूड) २.२९ है।[1]

ऍप्सिलन सॅन्टौरी नरतुरंग (सॅन्टौरस) तारामंडल में 'ε' के चिह्न द्वारा नामांकित तारा है

अन्य भाषाओँ मेंसंपादित करें

अंग्रेज़ी में ऍप्सिलन सॅन्टौरी को "बिरडन" (Birdun) भी कहा जाता हैं, जो अरबी के "अल-बरदून" (البردون‎) शब्द से लिया गया है।

तारे का ब्यौरासंपादित करें

ऍप्सिलन सॅन्टौरी एक B1 III श्रेणी का नीला-सफ़ेद दानव तारा है। यह एक बेटा सॅफ़ॅई परिवर्ती तारा है जिसकी चमक +२.२९ से +२.३१ मैग्निट्यूड की सीमाओं के बीच बदलती रहती है।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Fred Schaaf. "The brightest stars: discovering the universe through the sky's most brilliant stars". John Wiley and Sons, 2008. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780471704102. मूल से 14 अप्रैल 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 19 अक्तूबर 2011.