एक हसीना थी (2003 फ़िल्म)

हिन्दी भाषा में प्रदर्शित चलवित्र

एक हसीना थी 2004 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है।

एक हसीना थी
चित्र:एक-हसीना-थी.jpg
निर्देशक श्रीराम राघवन
निर्माता राम गोपाल वर्मा
लेखक श्रीराम राघवन
पूजा लाधा सूर्ती
अभिनेता उर्मिला मातोंडकर
सैफ़ अली ख़ान
सीमा बिस्वास
प्रदर्शन तिथि(याँ)
  • जनवरी 16, 2004 (2004-01-16)
समय सीमा 120 मिनट
देश भारत
भाषा हिन्दी
कुल कारोबार ₹ 80,000,000

संक्षेपसंपादित करें

सरिता वार्तक उर्मिला मातोंडकर, एक साधारण ट्रैवल एजेंट एक नौजवान व्यवसायी करन राठौड़ सैफ़ अली ख़ान से मिलती है और उसे उससे प्यार हो जाता है। एक दिन करन का एक दोस्त उसे एक बैग संभाल कर रखने के लिये देता है। बाद में पुलिस सरिता के घर धावा बोलती हौ और उस बैग से अवैध हथियार बरोमद करती है। करन का वकील कमलेश माथुर आदित्य श्रीवास्तव सरिता को फुसलाकर इस अपराध में शामिल होने की बात मनवा लेता है। इसके तहत सरिता को ७ साल की सजा हो जाती है। सरिता को अपनी गलती का अहसास होता है पर तब तक काफी देर हो चुकी थी। जेल में एक साथी प्रमिला प्रमिला काज़मी की मदद से वह जेल से बाहर निकलती है और करन के साथ बदला लेने के खतरनाक खेल को शुरु करती है।

चरित्रसंपादित करें

मुख्य कलाकारसंपादित करें

दलसंपादित करें

संगीतसंपादित करें

रोचक तथ्यसंपादित करें

परिणामसंपादित करें

बौक्स ऑफिससंपादित करें

समीक्षाएँसंपादित करें

नामांकन और पुरस्कारसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें