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एचएमएस बीगल चेरोकी वर्ग की 10 तोपों वाली शाही नौसेना की ब्रिगेडियर-छोटी नाव थी, जिसका जलावतरण 11 मई 1820 को टेम्स नदी पर स्थित वूलविक गोदी पर किया गया था, जिसकी कुल लागत £ 7,803 थी। इसी वर्ष जुलाई में इस पोत ने यूनाइटेड किंगडम के राजा जॉर्ज चतुर्थ के राज्याभिषेक के समारोह की समुद्री परेड में हिस्सा लिया था और इस परेड के दौरान यह लंदन पुल के नीचे से गुजरने वाला पहला पोत था। इसके बाद कुछ समय तक यह किसी काम में नहीं लिया गया। इसके बाद इसे एक सर्वेक्षण पोत के रूप में रूपांतरित किया गया और इसने तीन अभियानों में भाग लिया। इसकी दूसरी सर्वेक्षण यात्रा पर युवा प्रकृतिवादी चार्ल्स डार्विन इस पोत पर था और चार्ल्स डार्विन के क्रम-विकास के सिद्धांत ने बीगल को इतिहास का एक सबसे प्रसिद्ध पोत बना दिया।

1842 तक एच एम एस बीगल की अनुप्रस्थ काट
1832 तक एच एम एस बीगल की अनुप्रस्थ काट
कैरियर (ब्रिटेन) शाही नौसेना पताका
आदेशित: 16 फ़रवरी 1817
आधारशिला: जून 1818
जलावतरण: 11 मई 1820
सेवा शुरु: 1820
सेवा मुक्त: 1845, तटरक्षक को हस्तांतरित
अंत: 1870 को बेचा और तोड़ा गया
सामान्य विशेषताएँ
वर्ग और प्रकार: चिरूकी-class brig-sloop
टन बर्थन: 235 bm; 242 दूसरी समुद्रीयात्रा के लिए[1]
लम्बाई: 90.3 फीट (27.5 मी॰)
चौड़ाई: 24.5 फीट (7.5 मी॰)
कर्षण: 12.5 फीट (3.8 मी॰)
प्रणोदन: पाल
कर्मि-मण्डल: 120 युद्ध की नाव के तौर पर, 65 + 9 दूसरी यात्रा पर
आयुध: 10 तोपें, सर्वेक्षण पोत के तौर पर इनकी संख्या घटाकर 6 की गयी

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  1. सन्दर्भ त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; Fitz17–18 नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है।