जब हम प्योर सेमीकंडक्टर में पेंटावलेंट इम्पुरिटी मिलते है तो सेमीकंडक्टर के बाहरी ऑर्बिट के चार इलेक्ट्रोंस इम्पुरिटी के चार इलेक्ट्रोंस के साथ बोंड बना लेता है। इसके बाहरी ऑर्बिट में आठ इलेक्ट्रोंस पुरे होने के बाद भी इसके पास एक इलेक्ट्रोन बच जाता है। चूँकि इलेक्ट्रोन एक नेगटिव चार्ज्ड पार्टिकल है इसलिए इसे हम N टाइप सेमीकंडक्टर कहते है। मतलब है कि N टाइप सेमीकंडक्टर में होल्स कि मात्रा कम और इलेक्ट्रोंस कि मात्रा अधिक रहती है।sunny kumar loves ISHIKA