भारतीय नौसेना ने मिसाइल तकनीक एलआरएसएएम का सफल परीक्षण किया है।

परिचयसंपादित करें

भारतीय नौसेना ने सतह से हवा में लम्बी दूरी के लिए एयर मिसाइल प्रणाली (एलआरएसएएम) का सफल परीक्षण किया। यह मिसाइल प्रणाली पायलट विहीन विमान को लक्ष्य करने में सक्षम है। मिसाइल परीक्षण 20 सितंबर 2016 को 14:25 बजे अंतरिम परीक्षण रेंज (आईटीआर) बालासोर उड़ीसा से किया गया।

मिसाइल एलआरएसएएम प्रणाली के बारे मेंसंपादित करें

  • एलआरएसएएम प्रणाली को भारत के डीआरडीओ और इजराइल के आइएआइ के मध्य एक संयुक्त उद्यम के माध्यम से विकसित किया गया है।
  • इस प्रणाली के नौसैनिक संस्करण का इस बार जमीन पर परीक्षण किया गया जबकि पहले इसे अंतरिम परीक्षण रेंज (आईटीआर) से नौसेना जहाज पर किया गया था।
  • नों मिसाइलें अपने लक्ष्यों को सीधे विभिन्न श्रेणियों और ऊंचाई पर नियोजित करने में सक्षम हैं।
  • मिसाइलों के उड़ान की गति को आईटीआर में स्थापित रडारों और विद्युत ऑप्टिकल प्रणालियों द्वारा पता लगाकर नजर रखी जा सकती है।
  • इस मिसाइल प्रणाली को कई उद्योगों जैसे बीडीएल, मिधानी, टाटा, गोदरेज, एसईसी, पीईएल, आदित्य और अन्य के सहयोग से विकसित किया गया है।
  • इसके सफल परीक्षण में इजराइल और भारत दोनों देशों के वैज्ञानिकों और तकनीशियनों ने योगदान दिया।
  • इजराइल टीम का नेतृत्व आइएआइ के उपाध्यक्ष बोएस लेवी ने किया जबकि भारतीय टीम में योजना निदेशक पैट्रिक डिसिल्वा, डीआरडीएल के निदेशक एम एस आर प्रसाद और आईटीआर के निदेशक डॉ बी के दास थे।

सन्दर्भसंपादित करें

https://web.archive.org/web/20160924023008/http://www.dharmpath.com/%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%B2-%E0%A4%A4%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%95-%E0%A4%8F%E0%A4%B2%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A4%8F%E0%A4%B8%E0%A4%8F%E0%A4%8F%E0%A4%AE-%E0%A4%95/