एसपरजिलस एक हानिकारक कवक है जो मनुष्य में एसपरजिलोसिस रोग पैदा करता है। इसके अलावा यह कवक चमड़े के सामान, पेन्ट आदि को भी नष्ट करता है। यह शीशे के समान तथा प्रकाशीय उपकरण को भी हानि पहुँचाता है। इसकी नाइजर जाति से मानव को छाले हो जाते हैं[1] इसकी खोज १७२९ में इटली में हुई। इसकी लगभग २०० प्रजातियाँ है

प्रयोगशाला में एसपरजिलस कालोनी

सन्दर्भसंपादित करें

  1. यादव, रामनन्दन (जुलाई २००5). अभिनव जीवन विज्ञान. कोलकाता: निर्मल प्रकाशन. पृ॰ 26. |access-date= दिए जाने पर |url= भी दिया जाना चाहिए (मदद)

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