ए बी बर्धन

अर्धेन्दु भूषण बर्धन (25 सितम्बर 1924 – 2 जनवरी 2016)[1] अथवा ए॰बी॰ बर्धन भारत के सबसे पुराने राजनीतिक दलों में से एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के भूतपूर्व महासचिव थे। वो ऑल इंडिया डिफ़ेन्स इम्पलॉइज़ एसोसिएशन के उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी फ़ेडरेशन और ऑल इंडिया इलेक्ट्रिक इम्पलॉइज़ फ़ेडरेशन के अध्यक्ष रहे थे।[2]

जीवन परिचयसंपादित करें

ए बी बर्धन का जन्म बंगाल के बरिशाल में हुआ था जो अब बांग्लादेश में है। जब वह १५ वर्ष के थे तब वे नागपुर गये जहाँ वे साम्यवाद के अनुयायी बन गये। १९४० में नागपुर विश्वविद्यालय में वे आल इण्डिया स्टुडेण्ट्स फेडरेशन के सदस्य बने। उसी वर्ष वे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य बने जो उस समय प्रतिबन्धित थी। वे नागपुर विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे। उन्होने विधि में स्नातक तथा अर्थशास्त्र में परास्नातक की उपाधि हासिल की थी।

उन्होने नागपुर से अनेक चुनावों में भाग लिया किन्तु केवल १९५७ के महाराष्ट्र राज्य विधान सभा के चुनाव में ही उन्हें सफलता मिली। वे १९६७ और १९८० के लोकसभा चुनावों में नागपुर से हार गये।

१९९० के बाद वे केन्द्र की राजनीति में आ गये। १९९४ में वे आल इण्डिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के अध्यक्ष बने। १९९५ में वे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उप महासचिव बने। १९९६ में इन्द्रजीत गुप्त के पद छोड़ने के बाद बाद वे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महाअसचिव बने।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "Communist Party of India (CPI): The revolutionary life of Comrade A. B. Bardhan". Communistparty.in. मूल से 4 मार्च 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2016-01-02.
  2. "संग्रहीत प्रति". मूल से 6 जनवरी 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 4 जनवरी 2016.