ऑकस

ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका के मध्य एक त्रिपक्षीय सुरक्षा समूह

ऑकस ( AUKUS ), जिसे औकस भी कहा जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक त्रिपक्षीय सुरक्षा समझौता है, जिसकी घोषणा 15 सितंबर 2021 को भारतीय-प्रशान्त क्षेत्र के लिए की गई थी। समझौते के अन्तर्गत, अमेरिका और ब्रिटेन ऑस्ट्रेलिया को परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियाँ हासिल करने में मदद करेंगे। हालाँकि ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमन्त्री स्कॉट मॉरिसन, ब्रिटिश प्रधानमन्त्री बोरिस जॉनसन और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा संयुक्त घोषणा में किसी अन्य देश का नाम नहीं लिया गया था। व्हाइट हाउस के गुमनाम सूत्रों ने अनुमान लगाया है कि इसे भारतीय-प्रशान्त क्षेत्र में चीन के प्रभाव का मुकाबला करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। हालाँकि, जॉनसन ने बाद में संसद को बताया कि इस कदम का उद्देश्य चीन के प्रति प्रतिकूल होना नहीं था।

ऑकस
AUKUS
A world map, depicting Australia, the United Kingdom, and the United States in blue; all remaining countries are in grey
AUKUS signatories
स्थापना 15 सितम्बर 2021; 10 महीने पहले (2021-09-15)
प्रकार सैन्य गठबन्धन
उद्देश्य सामूहिक सुरक्षा
क्षेत्र
भारतीय-प्रशान्त
सदस्यता


समझौते में "साइबर क्षमताओं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वाण्टम प्रौद्योगिकियों और अतिरिक्त अन्य क्षमताओं" पर सहयोग भी शामिल है। समझौते के अन्तर्गत, ऑस्ट्रेलिया अपनी वायु सेना, नौसेना और थल सेना के लिए नयी लम्बी दूरी की मारक क्षमताओं का अधिग्रहण करेगा। यह समझौता सैन्य क्षमता पर ध्यान केन्द्रित करेगा, इसे फ़ाइव आइज़ इण्टेलिजेंस-शेयरिंग गठबन्धन से अलग करेगा जिसमें न्यूज़ीलैण्ड और कनाडा भी शामिल हैं।

17 सितम्बर 2021 को, फ्रांस, जो तीनों देशों का सहयोगी है। फ्रांस ने ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से अपने राजदूतों को वापस बुला लिया; फ़्रांस के विदेश मन्त्री जीन-यवेस ले ड्रियन ने बिना किसी नोटिस के €56 अरब (A$90 अरब) के फ्रेंच-ऑस्ट्रेलियाई पनडुब्बी सौदे को ऑस्ट्रेलिया द्वारा रद्द करने के बाद, फ्रांस ने इस समझौते को "पीठ में छुरा भोंकने वाला" कहा था। फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया के मध्य एक गहरी रणनीतिक साझेदारी विकसित करने के प्रयासों को समाप्त कर दिया।