नेट बैंकिग जिसे ऑनलाइन बैंकिंग या इंटरनेट बैंकिंग भी कहते हैं, एक इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली है जो बैंक या अन्य वित्तीय संस्थान के ग्राहकों को वित्तीय संस्था की वेबसाइट के माध्यम से वित्तीय लेनदेन की एक शृंखला का संचालन करने में सक्षम बनाती है।[1]

ऑनलाइन बैंकिंग, ग्राहकों को उनके नेट बैंकिंग खाते से वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन करने की सुविधा प्रदान करती है। यूजर वेबसाइट या ऑनलाइन एप्लीकेशन का उपयोग करके उसी बैंक / विभिन्न बैंक के अन्य खातों में अपने खाते से धनराशि ट्रान्सफर कर सकता है। ग्राहक वित्तीय लेनदेन करने के लिए रिसोर्स और माध्यम का उपयोग करता है। ग्राहक द्वारा उपयोग किया जाने वाला संसाधन कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल फोन की तरह एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हो सकता है। इंटरनेट वह माध्यम है जो तकनीक को संभव बनाता है।

इस प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ है कि कोई भी व्यक्ति घर या कार्यालय या कहीं से भी से बैंक सुविधा का लाभ उठा सकता है। ऑनलाइन बैंकिंग इंटरनेट पर बैंकिंग संबंधी मिलनेवाली एक सुविधा है, जिसके माध्यम से कंप्यूटर का इस्तेमाल कर उपभोक्ता बैंकों के नेटवर्क्स और उसकी वेबसाइट पर अपनी पहुंच बना सकता है और घर बैठे ही खरीददारी, पैसे का स्थानांतरण के अलावा अन्य तमाम कार्यों और जानकारी के लिए बैंकों से मिलने वाली सुविधा का लाभ उठा सकता है।[2] भारत में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी किये गए शुरुआती आंकड़ों के अनुसार अप्रैल २००८ से जनवरी २००९ तक इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ५५.८५८५ करोड़ रुपए का लेनदेन किया गया।[3] किन्तु इस लाभ पर प्रश्वनिह्न भी लग जाता है, जब आजकल फिशिंग द्वारा तकनीक के दुरुपयोग से इंटरनेट के जालसाज लोगों के खातों को हैक कर उन्हें हानि पहुंचा रहे हैं।[4] ऐसे में आवश्यक है कि नेट बैंकिंग के प्रयोग में अत्यंत सावधानियां बरती जाएं। नेट बैंकिंग का प्रयोग करते हुए उपयोक्ता को यूआरएल की जांच कर लेनी चाहिये। कई रिपोर्ट द्वारा ये पुष्टि होती है, कि प्रयोग की जाने वाली ५० प्रतिशत वेबसाइट असुरक्षित होती हैं। ऐसे में नेट सर्फिंग करने वाले व्यक्ति के लिये से यह अत्यंत आवश्यक है कि वह पूरी जाँच के उपरांत ही वेबसाइट खोले। किसी भी साइट के यूआरएल पते और डोमेन जांच करें और देखें कि यह उसी बैंक के यूआरएल और डोमेन की तरह हो, ऐसे में यह संभावना काफी हद तक प्रबल हो जाती है कि उपयोक्ता सुरक्षित वेबसाइट का प्रयोग कर रहे हैं। नेट बैंकिंग सेवा का प्रयोग करने वालों को इसे प्रत्येक तीन दिनों में जांचते रहना चाहिये।

ऑनलाइन बैंकिंग में क्रेडिट कार्ड का भी प्रयोग किया जा सकता है

इसके साथ ही उपयोक्ता को चाहिये कि वे इस सेवा का बाहर प्रयोग न करें। नेट बैंकिंग के लिए इंटरनेट कैफे और सांझे कंप्यूटर का प्रयोग इस सुविधा हेतु कम करें और यदि कैफे या सांझे कंप्यूटर से प्रयोग करते भी हैं, तो अपना पासवर्ड नियमित रूप से बदलते रहें। यह सुरक्षित तरीका रहेगा। उपयोक्ता अपने कंप्यूटर सिस्टम को सीधे बंद न करें।[4] प्रायः लोग ब्राउजर बंद कर कंप्यूटर सीधे बंद कर देते हैं जो असुरक्षित हो सकता है। हमेशा कंप्यूटर सिस्टम ठीक से लॉग ऑफ करें।[2] इसके अलावा अपने पासवर्ड का पूरा एवं उचित व सुरक्षित उपयोग करें। अपने पासवर्ड को किसी कागज पर न लिखें। इसे सरलता से हैक किया जा सकता है। अपनी मशीन में पावर ऑन पासवर्ड डाल दें ताकि उनके अलावा कोई और उनकी मशीन न खोल सके। सिस्टम पर स्क्रीनसेवर पासवर्ड डाल दें ताकि कोई और सिस्टम का प्रयोग न कर सके। इन कुछ बातों का ध्यान रखकर नेट बैंकिंग सुविधा का पूरा एवं सुरक्षित लाभ उठाया जा सकता है।

सन्दर्भ

  1. इंटरनेट बैंकिंग क्या हैं? इन्टरनेट बैंकिंग के लाभ और हानियाँ
  2. सुरक्षित हो ऑनलाइन बैंकिंग Archived 4 जून 2010 at the वेबैक मशीन.। हिन्दुस्तान लाइव। ४ अगस्त २००९
  3. ऑनलाइन बैंकिंग से ग्राहकों और बैंकों दोनों की मौजां Archived 14 अक्टूबर 2009 at the वेबैक मशीन.। इकनॉमिक टाइम्स। १ मई २००९
  4. नेट बैंकिंग Archived 18 अक्टूबर 2015 at the वेबैक मशीन.|हिन्दुस्तान लाइव। ५ अप्रैल २०१०

बाहरी कड़ियाँ