कक्षीय झुकाव (अंग्रेजी: Axial tilt) खगोलशास्त्र में किसी वस्तु की परिक्रमा कक्षा (ऑरबिट) का किसी अन्य वस्तु या वस्तुओं की परिक्रमा कक्षा से बनने वाला कोण (ऐंगल) है।[1] मसलन बुध ग्रह (मरक्यूरी) का कक्ष पृथ्वी के कक्ष से ७.०१° के झुकाव पर है। अगर पृथ्वी के सूर्य के इर्द-गिर्द परिक्रमा कक्ष को एक समतल (प्लेन) में देखा जाये तो बुध परिक्रमा करता हुआ एक छोर पर इस समतल से लगभग ७.०१° ऊपर उठता है और कक्ष के दूसरे छोर पर ७.०१° समतल से नीचे जाता है।[2]

कक्षीय झुकाव i (हरे रंग में) द्वारा अंकित है - यह इस वस्तु की परिक्रमा कक्षा का बाक़ी मंडल की परिक्रमा कक्षा की तुलना में बना हुआ कोण (ऐंगल) है

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Chobotov, Vladimir A. (2002). Orbital Mechanics (3rd ed.). AIAA. pp. 28–30;. ISBN 1-56347-537-5.
  2. McBride, Neil; Bland, Philip A.; Gilmour, Iain (2004). An Introduction to the Solar System. Cambridge University Press. p. 248. ISBN 0-521-54620-6.