मुख्य मेनू खोलें

यह गेंहू मे लगने वाला फफूंदी जनित प्रमुख रोग है | यह प्रमुख रूप से दो प्रकार के होते है

(1)करनाल बंट(karnal bunt) यह फफूंद द्वारा लगने वाला रोग है ,इस रोग में किसी विशेष बाली मे कुछ दाने ही काले चूर्ण में बदलते है | इनके बीजाणु मिट्टी मे पाये जाते है | नम वातावरण मे ये रोग अधिक फैलता है |

(2)पहाड़ी बंट(Mountaineous butn) इस रोग में बाली के अंदर कुछ बदरंगे दाने बनते है , जिसमे चिपचिपा चूर्ण भरा रहता है , इस चूर्ण से सड़ी मछली जैसी गंध आती है|

रोकथाम -(अ) रोगरोधी किस्मों का प्रमाणित बीज बोईए |

(आ) पहाड़ी बंट को रोकने के लिए बिटावेक्स, एग्रोसन जी एन का प्रयोग भी लाभदायक सिद्ध हुआ है |

(इ) फसल पर फूल आते समय 0.2% इंडोफिल एम 45 का छिड़काव करे |

(ई) रोग ग्रसित पौधे को उखाड़ देना चाहिए |

पहाड़ी बंट तथा करनाल बंट को नियंत्रित करने के लिए बाविस्टीन या बीटावेक्स रसायन के 2.5 ग्राम प्रति किग्रा बीज की दर से शोधित करना चाहिए |