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करेला

करेला एक लता है जिसके फलों की सब्जी बनती है। इसका स्वाद कड़वा होता है।करेला कड़वे स्वादवाला प्रसिद्ध भारतीय फल शाक है, जिसके फल का तरकारी के रूप में पत्रशाक अथवा पत्रस्वरस का चिकित्सा में प्रयोग होता है।

परिचयसंपादित करें

 
पत्ति
 
करेला का फल
 
करेला की महिला फूल
 
पका फल

करेला लता जाति की स्वयंजात और कषिजन्य वनस्पति है, जिसे कुकरबिटेसी (Cucurbitaceae) कुल के मोमोर्डिका चरंशिया (Momordica charantia) के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है। इसे कारवेल्लक, कारवेल्लिका, करेल, करेली तथा काँरले आदि नामों से भी जाना जाता है।

करेले की आरोही अथवा विसर्पी कोमल लताएँ, झाड़ियों और बाड़ों पर स्वयंजात अथवा खेतों में बोई हुई पाई जाती है। इनकी पत्तियाँ ५-७ खंडों में विभक्त, तंतु (ट्रेंड्रिल, tendril) अविभक्त, पुष्प पीले और फल उन्नत मुलिकावाले (ट्यूबर्किल्ड, tubercled) होते हैं।

कटु तिक्त होने पर भी रुचिकर और पथ्य शाक के रूप में इसका बहुत व्यवहार होता है। चिकित्सा में लता या पत्र स्वरस का उपयोग दीपन, भेदन, कफ-पित्त-नाश तथा ज्वर, कृमि, वातरक्त और आमवातादि में हितकर माना जाता है।[1]

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें

  • "Food for thought: Green 'karela' for Red China". timesofindia.indiatimes.com (अंग्रेज़ी में).