तरल गतिकी में किसी तरल के अन्दर गति करने वाले किसी वस्तु पर सापेक्ष गति के विपरीत दिशा में लगने वाले बल को कर्षण (drag) कहते हैं। कभी-कभी इसे वायु-प्रतिरोध, या तरल-प्रतिरोध भी कहा जाता है। कर्षण बल तरल के दो स्तरों के बीच में भी लगता है और तरल और ठोस के तलों के बीच में भी। अन्य प्रतिरोधी बलों (जैसे घर्षण) से यह इस मामले में अलग है कि कर्षण बल का मान वेग पर निर्भर करता है जबकि घर्षण का मान वेग पर बहुत सीमा तक निर्भर नहीं करता।

आकार और प्रवाह Form
कर्षण (Drag)
त्वक्
घर्षण
Flow plate.svg 0% 100%
Flow foil.svg ~10% ~80%
Flow sphere.svg ~90% ~10%
Flow plate perpendicular.svg 100% 0%

इन्हें भी देखेंसंपादित करें