कविता दासवानी  एक भारतीय-अमेरिकी लेखक हैं। उनके तीन उपन्यास भारतीय विवाह के अभ्यास के साथ संबंधित हैं, और नायिकाओं की विशेषता है जो परंपरा के साथ जाने से इनकार करती हैं। [1]

कैरियरसंपादित करें

वह हांगकांग में बड़ी हुई, 17 साल की उम्र में दक्षिण चीन मॉर्निंग पोस्ट के एक पत्रकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। वह 2000 में लॉस एंजिल्स में चली गईं।

उनकी पुस्तकें डायस्पोरा भारतीय समुदायों में होने वाले बदलावों का प्रतिनिधित्व करती हैं, खासकर शादी जैसे संस्थानों, परिवार में पत्नी की भूमिका, और महिलाओं के लिए बढ़ते अवसरों के बारे में लिखती है। दासवानी के हास्य और संस्कृति तनाव के संयोजन ने उनकी किताबें एक पलायनवादी पढ़त प्रदान की हैं।.[2]

अपने जीवन में, वह एक बार भारत के नासिक, में एक आदमी को रिश्ते के लिए मिली, जिस के बारे में पता चला कि उसको बार में स्ट्रिपर्स रखने के लिए दो दिन जेल में रहना पड़ा था।[3] रिश्ते के लिए बहुत असफल कोशिश के बाद, अंत में 36 साल की उम्र में शादी कर ली।

वह सीएनएन, सीएनबीसी एशिया और वुमेन्स वॉयर डेली के लिए एक फैशन संवाददाता रही हैं।[4] , उन्होंने कई अन्य प्रकाशनों के इलावा लॉस एंजिल्स टाइम्स और इंटरनेशनल हेराल्ड ट्रिब्यून के लिए लिखा है, और हांगकांग में साऊथ चीन मॉर्निंग पोस्ट की फैशन संपादक रही है।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 22 जुलाई 2011 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 30 मई 2017.
  2. "संग्रहीत प्रति". मूल से 24 मार्च 2012 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 30 मई 2017.
  3. "संग्रहीत प्रति". मूल से 1 जून 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 30 मई 2017.
  4. Matthew Thornton, "Deals", Publishers Weekly, 2/13/2006, Vol. 253 Issue 7, p10