कार्तिक प्रसाद खत्री (१८५१-१९०४) हिन्दी साहित्यकार तथा हिन्दी की प्रसिद्ध ऐतिहासिक पत्रिका सरस्वती के प्रथम सम्पादक-मण्डल के सदस्य थे। सन १८७२ से कोलकाता से प्रकाशित 'हिन्दी दीप्तिप्रकाश' के सम्पादक वे ही थे। कार्तिक प्रसाद खत्री हिन्दी के प्रथम मौलिक जीवनी लेखक भी माने जाते हैं। वे बहु भाषाभाषी थे। हिन्दी 'दीप्ति प्रकाश', 'भारत जीवन' तथा 'सरस्वती' के सम्पादन में उन्हें जो ख्याति मिली, उसी से वे लेखक के रूप में पहचान बना पाये।[1]

कृतियाँसंपादित करें

  • उषाहरण (नाटक , १८९२)
  • नन्दकोष
  • सारस्वत दीपिका
  • प्रमिला
  • जया
  • मधुमालती
  • अहल्याबाई का जीवनचरित (१८८७)
  • छत्रपति शिवाजी का जीवनचरित (१८९०)
  • मीराबाई का जीवनचरित (१८९३)

सम्पादनसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें